कम जगह में भी बनाएं खूबसूरत बगीचा: जानें क्या है वर्टिकल गार्डनिंग और कैसे दीवारों पर उगाएं पौधे जीवनशैली एक घंटा पहले 7
अगर आपके घर में बगीचे के लिए ज्यादा जगह नहीं है, तो दीवारों और छत का इस्तेमाल करके वर्टिकल गार्डनिंग की जा सकती है। गार्डनर राम सागर ने बताए इसके फायदे और तरीका।

कम जगह में भी पूरा होगा गार्डनिंग का शौक

यदि आपके घर में बगीचा तैयार करने के लिए खुली जगह का अभाव है, तो आपको बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप अपने मकान की खाली पड़ी दीवारों और छत का सही इस्तेमाल करके एक सुंदर बगीचा तैयार कर सकते हैं। ऋषिकेश के गार्डनर राम सागर ने इस खास तकनीक के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की है। उनका कहना है कि जिन लोगों के पास जगह की कमी है, उनके लिए वर्टिकल गार्डनिंग सबसे बेहतरीन तरीका साबित होता है।

जानिए क्या होती है वर्टिकल गार्डनिंग?

वर्टिकल गार्डनिंग का सीधा मतलब दीवारों पर पौधे उगाने की कला से है। इसमें जमीन के बजाय दीवार के सहारे हरियाली विकसित की जाती है। इसे तैयार करने का तरीका बेहद आसान है:

  • सबसे पहले दीवार पर लोहे या लकड़ी के मजबूत स्टैंड लगाए जाते हैं।
  • इसके बाद इन स्टैंड्स में छोटे-छोटे गमले व्यवस्थित ढंग से टिका दिए जाते हैं।
  • यह तरीका घर की जमीन पर बिल्कुल भी ज्यादा जगह नहीं घेरता है और दीवारें भी आकर्षक लगने लगती हैं।

किन लोगों के लिए है यह तकनीक सबसे उपयोगी?

गार्डनर राम सागर के अनुसार, वर्टिकल गार्डनिंग उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद और उपयुक्त विकल्प है जो जगह की तंगी से जूझते हैं:

  • फ्लैटों में रहने वाले लोग, जहां खुली जमीन उपलब्ध नहीं होती।
  • जिन घरों में बहुत छोटा आंगन होता है।
  • वे घर जहां केवल छोटी सी बालकनी ही मौजूद होती है।

इस आधुनिक और रचनात्मक तरीके को अपनाकर कोई भी अपने घर की दीवारों पर मनपसंद पौधे उगा सकता है और अपने घर को हरा-भरा बना सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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