उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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दोस्ती की आड़ में रची गई लूट की साजिश
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने दोस्ती जैसे पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया है। यहां तीन युवकों ने अपने व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करने के लिए एक ऐसी योजना बनाई, जिसमें उन्होंने अपने ही एक दोस्त को निशाना बनाया। जिस दोस्त पर पीड़ित ने भरोसा किया, उसी ने उसे लूटने की पूरी पटकथा लिखी। हालांकि, पुलिस की सक्रियता और मुस्तैदी के चलते अपराधी कानून की गिरफ्त में आ गए हैं।
बैंक से लौटते समय बनाया निशाना
घटनाक्रम के मुताबिक, भोजीपुरा क्षेत्र के रहने वाले ओवैस ने 30 अक्टूबर को बैंक से दो लाख रुपये की नकदी निकाली थी। ओवैस ने अपनी सुरक्षा और मदद के लिए अपने परिचित मित्र मोनिश अली को भी साथ ले रखा था। ओवैस के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं था कि जिस व्यक्ति के साथ वे सुरक्षित महसूस कर रहे थे, वही व्यक्ति गुप्त रूप से उनके साथ दगाबाजी कर रहा था। रास्ते में ओवैस को अपना शिकार बनाने के लिए मोनिश ने अपने अन्य साथियों, एहसान अली और विनीत गंगवार को पल-पल की जानकारी साझा की। जब वे रास्ते से गुजर रहे थे, तो एहसान और विनीत ने अवैध हथियारों के दम पर ओवैस को घेर लिया और जबरन दो लाख रुपये छीन लिए।
पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़
लूट की सूचना मिलते ही भोजीपुरा पुलिस ने इलाके में जाल बिछा दिया। आरोपियों की घेराबंदी मन्हेरा पुलिया के नजदीक की गई। जैसे ही बदमाशों को पुलिस की मौजूदगी का अहसास हुआ, उन्होंने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपनी जान की परवाह न करते हुए पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान हुई मुठभेड़ में एक बदमाश एहसान अली के पैर में गोली लगी। वहीं, इस संघर्ष में पुलिस का एक सिपाही अंकित भी घायल हो गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने एहसान अली, मोनिश अली और विनीत गंगवार को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की उम्र और बरामदगी
पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि सभी तीनों आरोपियों की आयु महज 20 से 21 वर्ष के बीच है। कम उम्र में ही गलत संगति और पैसों की लालसा ने इन्हें अपराध की दुनिया में धकेल दिया। पुलिस ने इन लुटेरों के कब्जे से लूटी गई पूरी रकम यानी दो लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या वे पहले भी किसी अन्य आपराधिक वारदात में शामिल रहे हैं।
घायलों का उपचार और जांच जारी
मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुए बदमाश एहसान अली और चोटिल सिपाही अंकित को तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। पुलिस प्रशासन ने बताया कि ओवैस को इस बात का तनिक भी अंदाजा नहीं था कि उसका दोस्त मोनिश ही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड है। पुलिस अब इन तीनों के नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। बरेली की यह घटना समाज के लिए एक सबक है कि आज के दौर में अतिविश्वास कभी-कभी भारी पड़ सकता है।
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