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एक घंटा पहले
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रसोई गैस की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, ऐसे में हर घर के लिए गैस की बचत बेहद अहम हो गई है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनका एलपीजी सिलेंडर तय समय से पहले ही खत्म हो जाता है। इसकी एक बड़ी और छिपी हुई वजह गैस बर्नर में जमा कार्बन और गंदगी होती है। जब बर्नर के बारीक छेद बंद होने लगते हैं तो गैस ठीक से नहीं जल पाती और खपत बढ़ जाती है।
क्यों बढ़ जाती है गैस की खपत
खाना पकाते समय तेल, दूध या चाय गिरने से बर्नर के छोटे-छोटे छेद धीरे-धीरे बंद हो जाते हैं। इसकी वजह से गैस की लौ नीली रहने के बजाय पीली या संतरी रंग की दिखने लगती है, जो इस बात का संकेत है कि गैस पूरी तरह नहीं जल रही। नतीजा यह होता है कि ज्यादा गैस खर्च होती है और बर्तनों के नीचे कालापन जमने लगता है।
घरेलू विशेषज्ञ की सलाह
घरेलू टिप्स के जानकार शशांक अलसी के मुताबिक, सफेद पाउडर यानी बेकिंग सोडा की मदद से बर्नर को आसानी से साफ किया जा सकता है। नियमित रूप से बर्नर की सफाई करने पर गैस की बचत होती है, लौ बेहतर जलती है और सिलेंडर भी ज्यादा दिनों तक चलता है। इस परेशानी का सटीक समाधान बताते हुए उन्होंने दो सफेद पाउडर इस्तेमाल करने की सलाह दी है। ईनो और साइट्रिक एसिड के इस बेहतरीन मेल से बिना ज्यादा मेहनत किए बर्नर के बंद छेद कुछ ही मिनटों में खुल जाते हैं।
सफाई से पहले सुरक्षा का ध्यान रखें
बर्नर साफ करने से पहले सुरक्षा सबसे जरूरी है। सबसे पहले गैस सिलेंडर के रेगुलेटर को पूरी तरह बंद कर दें, ताकि किसी भी दुर्घटना की आशंका न रहे। इसके बाद चूल्हे से पीतल के बर्नर को सावधानी से निकाल लें। अब एक बड़े और गहरे कांच या प्लास्टिक के बर्तन में इन बर्नरों को रख दें। बर्तन थोड़ा बड़ा होना चाहिए ताकि सफाई के दौरान होने वाली प्रतिक्रिया के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
ईनो और साइट्रिक एसिड का इस्तेमाल
गहरी सफाई के लिए बर्नर के ऊपर 1 से 2 चम्मच साइट्रिक एसिड डालें। इसके बाद एक पैकेट ईनो को चारों तरफ अच्छी तरह छिड़क दें। ये दोनों चीजें आसानी से किसी भी किराना या जनरल स्टोर पर मिल जाती हैं। इनका मिश्रण बर्नर में जमी कार्बन, चिकनाई और गंदगी को ढीला करने में मदद करता है। खास बात यह है कि यह तरीका पीतल के बर्नर को बिना नुकसान पहुंचाए उसकी अंदरूनी सफाई करने में काफी कारगर माना जाता है।
गर्म पानी से बनती है झाग
ईनो और साइट्रिक एसिड डालने के बाद बर्तन में ऊपर से खौलता हुआ गर्म पानी डालें। गर्म पानी पड़ते ही तेज झाग और बुलबुले बनने लगते हैं। साइट्रिक एसिड बर्नर पर जमी कार्बन, तेल और चिकनाई को ढीला कर देता है, जबकि ईनो उसके साथ प्रतिक्रिया करके छोटे-छोटे बुलबुले बनाता है। ये बुलबुले बर्नर के बारीक छेदों तक पहुंचकर अंदर फंसी गंदगी को बाहर निकाल देते हैं, जिससे बिना ज्यादा रगड़े ही गहरी सफाई हो जाती है।
आखिरी चरण और सुखाना न भूलें
कुछ देर बाद जब पानी गुनगुना रह जाए तो बर्नर को बाहर निकाल लें। अब किसी पुराने टूथब्रश या हल्के स्क्रबर से बर्नर को धीरे-धीरे साफ करें। चूंकि कार्बन और गंदगी पहले ही ढीली हो चुकी होती है, इसलिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती और हल्की सफाई से ही पीतल का बर्नर चमकने लगता है। इसके बाद बर्नर को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और सूती कपड़े से पोंछकर धूप या पंखे के नीचे पूरी तरह सुखाएं। ध्यान रहे कि छेदों में पानी न रह जाए। पूरी तरह सूखने के बाद ही बर्नर को वापस चूल्हे पर लगाएं, ताकि गैस सही तरीके से जले।
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