जीवनशैली
5 घंटे पहले
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विचारों
पारंपरिक खेती से हटकर बागवानी और फूलों की खेती करना आजकल किसानों के लिए बेहद मुनाफे का जरिया बनता जा रहा है। विशेष रूप से फूलों के राजा कहे जाने वाले गुलाब की मांग बाजार में सालभर बनी रहती है। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव क्षेत्र के बिलहरी गांव के रहने वाले किसान चेतराम कुशवाहा इसका एक जीता-जागता उदाहरण हैं। चेतराम पिछले 10 सालों से गुलाब की खेती कर रहे हैं और इससे हर दिन बेहतरीन मुनाफा कमा रहे हैं। उनका कहना है कि गुलाब एक ऐसी फसल है जिससे किसान सालभर नियमित रूप से हर दिन आमदनी हासिल कर सकता है।
गेंदे की जगह चुना गुलाब, कृषि विज्ञान केंद्र से लिया प्रशिक्षण
किसान चेतराम कुशवाहा ने अपने सफर के बारे में बताते हुए कहा कि वह साल 2015 से पहले गेंदे के फूल की खेती किया करते थे। गेंदे से भी उन्हें ठीक-ठाक लाभ मिल रहा था, लेकिन वह कुछ ऐसा करना चाहते थे जिसमें सालभर लगातार आय होती रहे। इसके लिए उन्होंने गुलाब की खेती करने का फैसला किया। गुलाब की वैज्ञानिक खेती की बारीकियां सीखने के लिए चेतराम ने नौगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र से विधिवत प्रशिक्षण हासिल किया। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्होंने साल 2015 में अपने खेतों में गुलाब के पौधे लगाए और तब से वे लगातार सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं।
पौध रोपण की विधि और पौधों के बीच की सही दूरी
गुलाब की खेती में पौधों को सही दूरी पर लगाना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। चेतराम कुशवाहा बताते हैं कि इस खेती के लिए सबसे पहले नर्सरी तैयार करनी पड़ती है, हालांकि किसान चाहें तो सीधे नर्सरी से पौधे खरीदकर भी रोपाई कर सकते हैं। गुलाब के पौधे कलम के जरिए ही तैयार किए जाते हैं।
खेत में पौधों की रोपाई करते समय निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है:
- पौध से पौध की दूरी: खेत में पौधे लगाते समय एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी कम से कम डेढ़ फीट होनी चाहिए।
- लाइन से लाइन की दूरी: दो कतारों या लाइनों के बीच की दूरी कम से कम 4 फीट रखी जानी चाहिए। इससे पौधों को हवा और धूप अच्छी मिलती है और खेत में काम करना आसान होता है।
- फ्लावरिंग की शुरुआत: पौधों की रोपाई करने के महज 1 महीने बाद ही पौधों में फूल आने शुरू हो जाते हैं, और यह प्रक्रिया साल के बारहो महीने चलती रहती है।
1 बीघा में लागत का पूरा हिसाब-किताब
लागत और मुनाफे के गणित को समझाते हुए चेतराम बताते हैं कि गुलाब की खेती के शुरुआती खर्च को बहुत आसानी से संभाला जा सकता है। उनके अनुसार:
- पौधों की संख्या: 1 बीघा जमीन पर लगभग 2500 गुलाब के पौधे रोपे जा सकते हैं।
- प्रति पौधा खर्च: एक पौधे की कीमत औसतन 10 रुपये आती है।
- कुल शुरुआती लागत: इस तरह 1 बीघा खेत में गुलाब के पौधे लगाने का कुल शुरुआती खर्च तकरीबन 25,000 रुपये आता है। यह एकमुश्त निवेश है, जिसके बाद सालों तक केवल मुनाफा मिलता है।
रोजाना तुड़ाई और सही समय का चयन
चेतराम कुशवाहा के अनुसार, 1 बीघा खेत में लगे गुलाबों से रोजाना 10 से 20 किलोग्राम फूलों की तुड़ाई आसानी से हो जाती है। हालांकि, जब पौधों पर नई शाखाएं आती हैं, तब फूलों की संख्या में थोड़ी कमी आती है, लेकिन कुछ समय बाद उत्पादन फिर से सामान्य हो जाता है। फूलों की तुड़ाई का एक निश्चित समय होता है, इन्हें हमेशा या तो सुबह के समय तोड़ना चाहिए या फिर शाम के वक्त, ताकि फूलों की ताजगी बरकरार रहे।
सीजन में 300 रुपये किलो तक बिकता है गुलाब
बाजार भाव के बारे में बात करते हुए चेतराम बताते हैं कि गुलाब के फूलों का थोक मूल्य सीजन के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है। शादी-ब्याह और बड़े त्योहारों के सीजन के दौरान बाजार में गुलाब की मांग बहुत अधिक होती है, जिससे इसका थोक भाव 150 रुपये से लेकर 300 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाता है। वहीं, जब सीजन मंदा होता है यानी डाउन सीजन में भी इसका भाव कम से कम 50 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक जरूर मिल जाता है। इस तरह, एक किसान को 1 बीघा खेत से हर दिन औसतन 1,000 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक की शानदार कमाई हो जाती है, जो त्योहारी सीजन में और भी अधिक बढ़ जाती है।
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