मानसून गार्डनिंग टिप्स: बरसात में गमलों और बगीचे में उगाएं ये 5 सब्जियां, बाजार जाने की जरूरत ही खत्म! जीवनशैली एक घंटा पहले 1
अगर आपके घर में छोटा बगीचा, बालकनी या छत पर गमले रखने की जगह है, तो मानसून में इन 5 सब्जियों को उगाकर आप ताजी और ऑर्गेनिक फसल का आनंद ले सकते हैं। जानिए कौन-सी सब्जियां इस मौसम में सबसे आसानी से उगती हैं।

मानसून का मौसम सिर्फ गर्मी से राहत ही नहीं देता, बल्कि बागवानी के शौकीन लोगों के लिए भी यह एक खास समय लेकर आता है। बारिश के दौरान मिट्टी में जो नमी बनती है, वह पौधों की बढ़त को तेज कर देती है, जिसके चलते यह तरह-तरह की सब्जियां उगाने के लिए सबसे उपयुक्त मौसम बन जाता है। अगर आपके घर में छोटा-सा बगीचा है या फिर बालकनी और छत पर गमले रखने भर की जगह मौजूद है, तो आप अपनी खुद की उपज तैयार कर सकते हैं और ताजी, ऑर्गेनिक सब्जियों का स्वाद ले सकते हैं।

इससे न सिर्फ किराने का खर्च बचता है, बल्कि परिवार को केमिकल-मुक्त और सेहतमंद भोजन भी मिलता है। आइए जानते हैं ऐसी 5 बेहतरीन सब्जियों के बारे में, जिन्हें मानसून के दौरान आसानी से उगाया जा सकता है।

भिंडी

मानसून के दौरान उगाई जाने वाली सबसे आसान सब्जियों में भिंडी का नाम सबसे ऊपर आता है। इसे बेहद कम देखभाल की जरूरत पड़ती है और यह गर्म तथा उमस भरे मौसम में खूब अच्छी तरह बढ़ती है। बीज बोने के लगभग 45 से 60 दिनों के बाद इसकी फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है।

लौकी

लौकी एक बेल वाली सब्जी है, जो बरसात के मौसम में जमकर बढ़ती है। इसे अच्छी धूप के साथ-साथ ऊपर चढ़ने के लिए मचान या किसी सहारे की जरूरत होती है। यह पौधा कम समय में ही अच्छी फसल देने लगता है और लंबे समय तक लगातार फल देता रहता है।

खीरा

मानसून के मौसम में खीरा उगाना भी काफी आसान है। इसकी बेलें तेजी से फैलती हैं और नियमित रूप से पानी देने पर भरपूर पैदावार देती हैं। घर पर उगाए गए खीरे का स्वाद बाजार से खरीदे गए खीरे की तुलना में कहीं अधिक ताजा और बेहतर होता है।

हरी मिर्च

हरी मिर्च के पौधे छोटे गमलों में भी बड़ी आसानी से उगाए जा सकते हैं। ये मानसून के दौरान अच्छी तरह बढ़ते हैं और एक बार जम जाने के बाद पौधा कई महीनों तक मिर्च देता रहता है। किचन गार्डन के लिए यह सबसे उपयोगी पौधों में से एक माना जाता है।

पालक

पालक एक पत्तेदार हरी सब्जी है, जो मानसून में बहुत तेजी से बढ़ती है। बीज बोने के कुछ ही हफ्तों बाद इसकी पत्तियां कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं। पालक पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसकी पत्तियों को इस्तेमाल के लिए बार-बार काटा जा सकता है।

बेहतर पैदावार के लिए इन बातों का रखें ध्यान

  • अच्छी जल-निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें और पौधों के आस-पास पानी जमा न होने दें।
  • समय-समय पर जैविक खाद डालें।
  • कीटों से बचाव के लिए नीम के घोल का छिड़काव करते रहें।
चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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