बाजार में अमरूद खरीदते समय बरतें ये सावधानी, वरना खराब फल के शिकार हो सकते हैं आप जीवनशैली एक घंटा पहले 5
बारिश के मौसम में बाजार में अमरूद की काफी आवक होती है, लेकिन इस समय फल खराब होने का डर भी बना रहता है। सही अमरूद चुनने के लिए रंग, खुशबू और उसकी बनावट पर गौर करना बेहद जरूरी है।

मानसून के दौरान अमरूद की खरीदारी में बरतें सावधानी

बारिश का मौसम शुरू होते ही बाजारों में अमरूद की बहार आ जाती है। यह एक ऐसा फल है जो इस मौसम में काफी मात्रा में उपलब्ध होता है। हालांकि, मानसून के दौरान फल जल्दी खराब होने की संभावना रहती है। कई बार हम बाहर से आकर्षक दिखने वाला अमरूद खरीद तो लेते हैं, लेकिन घर लाने पर पता चलता है कि वह अंदर से सड़ा हुआ या कीड़े वाला है। इसलिए, बारिश के दौरान अमरूद चुनते समय आपको अपनी आंखों और समझ का सही इस्तेमाल करना चाहिए। केवल ऊपर से देखकर फल खरीदना नुकसानदेह साबित हो सकता है।

रंग और छिलके की जांच सबसे जरूरी

अमरूद की गुणवत्ता परखने के लिए सबसे पहले उसके रंग पर ध्यान दें। आमतौर पर कच्चा अमरूद गहरे हरे रंग का होता है, जबकि पकने के बाद इसका रंग हल्के हरे या फिर हल्के पीले रंग में बदलने लगता है। खरीदारी करते समय आपको बहुत अधिक पीले अमरूद से बचना चाहिए क्योंकि यह जरूरत से ज्यादा पका हुआ हो सकता है और जल्दी खराब हो सकता है। सबसे बेहतर चुनाव वही अमरूद है जो हल्का पीला और हरा दिखाई दे। इसके अलावा, छिलके की सतह को भी ध्यान से देखें। यदि छिलके पर काले निशान, झुर्रियां, गहरे दाग-धब्बे या सड़न के कोई भी संकेत नजर आएं, तो उस फल को न खरीदना ही बेहतर है। एक साफ छिलका फल के स्वस्थ होने की पहली पहचान है।

फल की नरमी और बनावट को परखें

अमरूद कितना पका और ताजा है, यह जानने के लिए उसे हल्के हाथ से दबाकर देखना एक कारगर तरीका है। यदि अमरूद पत्थर की तरह सख्त है, तो संभावना है कि वह अभी कच्चा है और खाने में स्वादिष्ट नहीं होगा। इसके विपरीत, यदि फल दबाते ही पिचक जाता है या बहुत ज्यादा नरम महसूस होता है, तो समझ लीजिए कि वह बहुत अधिक पक चुका है और भीतर से खराब हो सकता है। एक आदर्श अमरूद वह होता है जो न तो बहुत ज्यादा कठोर हो और न ही बहुत ज्यादा नरम। इसकी बनावट में हल्का लचीलापन ताजगी की निशानी होता है।

वजन और खुशबू भी महत्वपूर्ण संकेत हैं

अमरूद को खरीदते समय उसे हाथ में उठाकर उसके वजन का अनुभव करें। जो फल अपने आकार के अनुपात में थोड़ा भारी महसूस होता है, उसमें रस की मात्रा अधिक होने की संभावना रहती है। बहुत हल्का फल अक्सर अंदर से सूखा या कच्चा हो सकता है। फल की खुशबू भी उसके बारे में काफी कुछ बयां कर देती है। एक अच्छे और पके अमरूद से हमेशा एक हल्की और मीठी सुगंध आती है। यदि अमरूद से कोई भी गंध नहीं आ रही है, तो वह कच्चा हो सकता है। वहीं, यदि उसमें से कोई बहुत तेज, खट्टी या अजीब सी बदबू आ रही है, तो वह फल अंदर से खराब हो चुका है और उसे भूलकर भी न खरीदें।

कटा हुआ अमरूद खरीदते समय रखें खास नजर

अक्सर बाजार में कटा हुआ अमरूद भी बिकता है। इसे खरीदते समय आपको अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। कटा हुआ अमरूद लेने से पहले उसके अंदरूनी हिस्से यानी गूदे को ध्यान से देखें। गूदा हमेशा साफ और ताजा दिखना चाहिए। सामान्य तौर पर सफेद या हल्का गुलाबी गूदा ठीक माना जाता है, लेकिन अगर गूदा बहुत ज्यादा भूरा या पानीदार दिखाई दे, तो यह फल के खराब होने का स्पष्ट संकेत है। साथ ही, बीजों के आसपास के हिस्से की जांच करें। यदि वहां कालापन है, पानी जमा हुआ दिख रहा है या खराब गंध आ रही है, तो ऐसा अमरूद खरीदने की गलती न करें। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप मानसून के दौरान बाजार से सबसे बेहतरीन, मीठे और ताजे अमरूद अपने परिवार के लिए चुन सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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