अमेरिका का लगातार तीसरा हमला, ओमान तट के पास भारतीय नाविकों वाले मालवाहक जहाज़ को बनाया निशाना विश्व 3 घंटे पहले 7
ओमान के तट के पास भारतीय क्रू वाले मर्चेंट जहाज़ MT जलवीर पर हमला हुआ, जिस पर 20 से ज़्यादा नाविक सवार थे। तीन दिनों में भारत से जुड़े जहाज़ों पर यह तीसरी घटना है।

कुछ ही दिनों के भीतर अमेरिका ने भारतीय जहाज़ पर तीसरी बार हमला किया है। ताज़ा कार्रवाई में ओमान के बंदरगाह के नज़दीक भारतीय नाविकों वाले एक मालवाहक जहाज़ को निशाना बनाया गया। FSUI के मुताबिक, गुरुवार को ओमान के तट के पास भारत से जुड़े एक और जहाज़ MT जलवीर पर हमला हुआ। बताया जा रहा है कि इस जहाज़ पर 20 से ज़्यादा नाविक मौजूद थे।

ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने भी पुष्टि की कि उसे इस घटना की जानकारी है और वह स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। दूतावास ने अपने बयान में कहा, "हमें आज ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक जहाज़ से जुड़ी घटना के बारे में पता चला है। हम हालात पर बारीकी से नज़र बनाए हुए हैं और आगे की जानकारी जुटाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।"

भारतीय जहाज़ों पर अमेरिका ने कब-कब किया हमला

कई रिपोर्टों में इस जहाज़ की पहचान MT जलवीर के रूप में की गई है। हालांकि अधिकारियों ने अब तक आधिकारिक रूप से घटना की प्रकृति, नुकसान की सीमा या किसी के हताहत होने को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की है। पिछले तीन दिनों में ओमान के पास जहाज़ से जुड़ी यह तीसरी घटना है।

पहली घटना 8 जून को MT मैरिवेक्स के साथ हुई थी, जब समुद्री सुरक्षा सूत्रों के अनुसार एक संदिग्ध हमले के बाद टैंकर में आग लग गई थी। उस समय जहाज़ पर सवार सभी 24 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बताया गया था।

दूसरी घटना 10 जून को सामने आई, जब ओमान की खाड़ी में टैंकर MT सेटेबेलो को निशाना बनाया गया। इस जहाज़ पर भी 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के अनुसार, 21 लोगों को बचा लिया गया, जबकि शुरू में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों की बाद में मौत की पुष्टि हुई।

भारत ने जताया कड़ा विरोध, अमेरिका की सफाई

सेटेबेलो पर हुए हमले को लेकर नई दिल्ली ने सख़्त राजनयिक रुख अपनाया। भारत ने देश में मौजूद सबसे वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक को तलब कर हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई की निंदा की और जहाज़ पर सवार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।

बाद में अमेरिका ने दावा किया कि उसके सैनिकों ने टैंकर पर "सटीक" हमला किया, क्योंकि कथित तौर पर उसने अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन नहीं किया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि यह कार्रवाई ईरानी तेल शिपमेंट को निशाना बनाने वाले उसके जारी समुद्री अभियानों का हिस्सा थी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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