दांतों की कैविटी और सांसों की दुर्गंध को जड़ से खत्म करेंगे ये घरेलू नुस्खे जीवनशैली एक महीने पहले 69
दांतों की कैविटी और सेंसिटिविटी से परेशान हैं तो डॉक्टर सलीम जैदी द्वारा बताए गए इन असरदार घरेलू उपायों को आजमाएं, जो दांतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।

दांतों की सेहत के लिए खास सुझाव

दांतों में कैविटी होना एक गंभीर समस्या है और आमतौर पर यह माना जाता है कि एक बार कैविटी हो जाने के बाद उसे ठीक करना मुमकिन नहीं होता है। 90% मामलों में यह बात सही साबित होती है। यदि आप भी दांतों के दर्द, झनझनाहट या सेंसिटिविटी से जूझ रहे हैं, या फिर आपको ठंडा-गर्म खाने-पीने में दिक्कत होती है, तो डॉक्टर सलीम जैदी के सुझाए गए इन घरेलू उपायों को अपनाकर राहत पा सकते हैं।

दांतों की चमक और स्वच्छता के लिए रामबाण उपाय

  • मुलेठी का उपयोग: आयुर्वेद में मुलेठी को 'यष्टी मधु' के नाम से जाना जाता है। बहुत से लोग इसे केवल गले की खराश दूर करने वाली औषधि मानते हैं, लेकिन यह दांतों के लिए भी बेहद लाभकारी है। UCLA School of Dentistry की एक शोध के अनुसार, मुलेठी में 'लायको रिसिडिन' और 'लायको राइजो फ्लेवन ए' नामक दो महत्वपूर्ण कंपाउंड पाए जाते हैं, जो कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया यानी 'स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स' को खत्म करने की क्षमता रखते हैं। आप मुलेठी की एक छोटी लकड़ी का सिरा मुंह में रखकर धीरे-धीरे चबा सकते हैं या इसका रस ले सकते हैं। इसके साथ ही मुलेठी का काढ़ा या चाय पीना भी बहुत फायदेमंद होता है।
  • ग्रीन टी का असर: आज के समय में ग्रीन टी का सेवन काफी लोकप्रिय हो चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह दांतों के पीलेपन और मुंह की बदबू को दूर करने में भी कारगर है? इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स, जिन्हें 'कैटेचिन' कहा जाता है, मुंह के अंदर हानिकारक बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते हैं। इससे सांसों की बदबू की समस्या दूर होती है और दांतों की सफेदी बरकरार रहती है।
  • ऑयल पुलिंग की प्राचीन विधि: यह एक पारंपरिक आयुर्वेदिक प्रक्रिया है। इसमें आपको नारियल, तिल या सूरजमुखी के तेल का लगभग एक चम्मच अपने मुंह में लेना होता है और उसे 15 से 20 मिनट तक पूरे मुंह में अच्छे से घुमाना होता है। इसके बाद तेल को बाहर थूक दिया जाता है। नियमित रूप से ऑयल पुलिंग करने से मसूड़े मजबूत होते हैं, दांतों पर जमा प्लाक कम होता है और सांसों की दुर्गंध से छुटकारा मिलता है।
डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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