सावधान! जिस तकिए पर आप सोते हैं, वह कहीं आपकी बीमारी की जड़ तो नहीं? स्वास्थ्य 2 महीने पहले 93
हम रोज जिस तकिए पर आराम से सोते हैं, वही अनजाने में हमारे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेषज्ञ के अनुसार, तकिए की अशुद्धता इम्यून सिस्टम को कमजोर कर एलर्जी और संक्रमण का कारण बनती है।

क्या आपका तकिया सेहत का दुश्मन बन रहा है

अक्सर हम रात को चैन की नींद के लिए तकिए का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि यह आरामदायक तकिया आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है? कैंसर हीलर सेंटर के डायरेक्टर डॉक्टर तरंग कृष्णा के मुताबिक, तकिया हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। अगर समय रहते इसकी स्वच्छता पर ध्यान न दिया जाए, तो यह कई बीमारियों को न्योता देने का काम करता है।

कैसे इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है तकिया

रात के समय हम छह से आठ घंटे तक लगातार अपने तकिए पर सिर रखकर सोते हैं। इस दौरान हमारा चेहरा और नाक तकिए के बेहद करीब होते हैं। तकिए का कवर धूल और गंदगी को सोखता रहता है, जिसमें बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। जब हम सोते समय सांस लेते हैं, तो अनजाने में ही ये सूक्ष्म बैक्टीरिया और धूल के कण हमारे शरीर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं। हालांकि शुरुआत में हमारा इम्यून सिस्टम इन बाहरी तत्वों से लड़ने की कोशिश करता है, लेकिन वर्षों तक लगातार ऐसा होने से शरीर की रक्षा प्रणाली कमजोर पड़ने लगती है। इस कारण व्यक्ति बार-बार एलर्जी, जुकाम और गंभीर संक्रमण की चपेट में आ सकता है।

गंदे तकिए से होने वाली परेशानियां

तकिए की सफाई को नजरअंदाज करने के कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित स्वास्थ्य समस्याएं देखी जा सकती हैं:

  • त्वचा पर मुंहासे और अन्य स्किन एलर्जी।
  • बार-बार सर्दी और खांसी होना।
  • इम्यून सिस्टम का कमजोर हो जाना।
  • सांस लेने में कठिनाई महसूस करना।

तकिया बदलने और साफ रखने के खास उपाय

डॉक्टर तरंग का मानना है कि तकिए को वर्षों तक इस्तेमाल करना सेहत के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी हैं:

  • अपने तकिए को हर छह महीने में निश्चित रूप से बदल दें। इसे याद रखने के लिए आप अपने मोबाइल में रिमाइंडर सेट कर सकते हैं।
  • यदि संभव हो तो तकिए को नियमित अंतराल पर वैक्यूम क्लीनर से साफ करें।
  • अपनी बेडशीट बदलते समय, यानी हर दो या तीन दिन में तकिए का कवर जरूर बदलें। सप्ताह में कम से कम दो बार कवर बदलना स्वास्थ्य के लिहाज से उत्तम है।
  • हर रविवार को तकिए को धूप में जरूर रखें। सूर्य की रोशनी में प्राकृतिक रूप से बैक्टीरिया को खत्म करने की क्षमता होती है।

अपनी नींद की गुणवत्ता और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए तकिए की स्वच्छता पर ध्यान देना आज से ही शुरू करें। थोड़ी सी सावधानी आपको अस्पताल के चक्कर काटने से बचा सकती है।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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