मानसून की दस्तक के साथ ही खूबसूरत हो उठते हैं सरगुजा के ये वाटरफॉल, प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 3
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मानसून आते ही वहां के झरने अपने पूरे शबाब पर होते हैं। प्रकृति की गोद में बसे ये वाटरफॉल सैलानियों को एक अद्भुत और यादगार अनुभव प्रदान करते हैं।

मानसून में सरगुजा का अद्भुत नजारा

छत्तीसगढ़ का सरगुजा जिला अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। जैसे ही मानसून की पहली फुहारें पड़ती हैं, यहां की वादियां और झरने जीवन से भर उठते हैं। बारिश के मौसम में इन झरनों का दृश्य किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। प्रकृति प्रेमी और सैलानी इस मौसम में यहां की हरियाली और गिरते हुए पानी की कल-कल ध्वनि का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। सरगुजा के इन जलप्रपातों की सुंदरता पहली ही नजर में किसी को भी मंत्रमुग्ध करने के लिए काफी है।

टाइगर प्वाइंट वाटरफॉल

बरसात के आते ही टाइगर प्वाइंट वाटरफॉल अपने पूरे शबाब पर होता है। यह झरना लगभग 80 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। जब इसका पानी चट्टानों से टकराता है, तो एक बहुत ही मधुर ध्वनि सुनाई देती है। यहां का दृश्य कोहरे से ढका रहता है, जो सैलानियों को बेहद आनंदित करता है।

मछली प्वाइंट का आकर्षण

अंबिकापुर से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर मछली प्वाइंट स्थित है। यहां मछली नदी पर एक बहुत ही सुंदर झरना गिरता है। यदि आप शांत माहौल में सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो यह स्थान आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्पों में से एक है।

रोमांच से भरपूर किंग प्वाइंट

छेरी घाट के ठीक बगल में स्थित किंग प्वाइंट आजकल काफी सुर्खियों में है। हालांकि इसे पहले बहुत अधिक विकसित नहीं किया गया था, लेकिन अब यह सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है। यहां से झरने दो अलग-अलग दिशाओं में एक ही जगह से नीचे गिरते हैं, जो पर्यटकों को काफी रोमांच से भर देता है। यह स्थान अंबिकापुर से 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

जलपरी का अनोखा सौंदर्य

अंबिकापुर के मैनपाट से 15 किलोमीटर दूर स्थित जलपरी झरना छोटा जरूर है, लेकिन पर्यटकों के बीच यह बेहद लोकप्रिय है। इस झरने तक पहुंचने के लिए आपको करीब 2 किलोमीटर तक पैदल चलना होगा। बरसात के दिनों में यह छोटा झरना अपनी सुंदरता में चार चांद लगा देता है।

लिब्रा वाटरफॉल

अंबिकापुर से केवल 10 किलोमीटर की दूरी पर लिब्रा वाटरफॉल स्थित है। बारिश के बाद यह पूरा क्षेत्र प्रकृति की गोद में समा जाता है। यहां पर्यटक शांति के साथ समय बिता सकते हैं और प्रकृति के सौंदर्य का भरपूर आनंद ले सकते हैं।

घाघी झरना और दलदली झरना

संभाग मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर स्थित घाघी झरना बारिश के मौसम में पर्यटकों की भीड़ खींचता है। यह परिवारों के साथ पिकनिक मनाने के लिए एक शानदार जगह है। वहीं, अंबिकापुर से 45 किलोमीटर की दूरी पर परपटिया गांव के नीचे दलदली झरना स्थित है। पहाड़ों से गिरता इसका पानी मानसून के दौरान देखने योग्य होता है।

सरभंजा जलप्रपात (एलिफेंट पॉइंट)

अंबिकापुर-रायगढ़ मार्ग पर स्थित सरभंजा जलप्रपात, जिसे एलिफेंट पॉइंट के नाम से भी जाना जाता है, मानसून आते ही अपनी पूरी भव्यता के साथ बहने लगता है। यह झरना 60 फीट की ऊंचाई से गिरता है। इस जगह की सबसे खास बात यह है कि यहां झरने के नीचे अक्सर हाथियों का झुंड भी दिखाई दे जाता है, जो इसे और भी रोमांचक बनाता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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