भिलाई के जूस सेंटर से 6000 करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड, जानें कैसे सट्टा किंग बना सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ एक महीने पहले 80
महादेव बेटिंग ऐप घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में हिरासत में ले लिया गया है, और अब भारतीय एजेंसियां उसे वापस लाने की तैयारी कर रही हैं।

ओमान में शिकंजे में आया सट्टा किंग

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले का मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर अब कानून के घेरे में आ गया है। उसे ओमान में गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट का उपयोग करके ओमान की सीमा में दाखिल होने का आरोप है। रॉयल ओमान पुलिस ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की है। वर्तमान में उसे मस्कट के अल खौद स्थित हाई सिक्योरिटी डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। भारत सरकार अब तेजी से उसके प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है, ताकि उसे जल्द भारत लाकर जांच को आगे बढ़ाया जा सके।

जूस सेंटर से सट्टेबाजी के साम्राज्य तक का सफर

छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला सौरभ चंद्राकर कभी साधारण जीवन जीता था। वह भिलाई में जूस फैक्ट्री नाम से एक छोटी सी दुकान चलाता था। हालांकि, उसकी महत्वाकांक्षाएं बहुत बड़ी थीं। वर्ष 2017 में उसने पहली बार ऑनलाइन सट्टेबाजी की दुनिया में कदम रखा। देखते ही देखते उसने इस कारोबार को व्यवस्थित करना शुरू कर दिया और वर्ष 2019 में वह दुबई शिफ्ट हो गया। दुबई में बैठकर उसने महादेव बेटिंग ऐप के जरिए अपने सट्टेबाजी के जाल को पूरे देश में फैला दिया।

6000 करोड़ रुपये का विशाल घोटाला

जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगी रवि उप्पल ने मिलकर महादेव ऐप के नाम से एक बहुत बड़ा ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क तैयार किया। इस ऐप के जरिए हर साल हजारों करोड़ रुपये का लेनदेन होने लगा। आंकड़ों की बात करें तो आरोपी पर लगभग 6,000 करोड़ रुपये के घोटाले का मुख्य सूत्रधार होने का आरोप है। केवल वर्ष 2021 के आईपीएल मैचों के दौरान ही उसने 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध सट्टा चलवाया था। इस अवैध धंधे से उसने अकूत संपत्ति अर्जित की, जिसे देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक कुल 4,336 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया है।

लंबे समय से था फरार

वर्ष 2019 से ही सौरभ चंद्राकर भारतीय कानून की नजरों से बचकर भाग रहा था। उस पर लगभग 5,000 करोड़ रुपये के बेटिंग नेटवर्क से जुड़े गंभीर आरोप हैं। वह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के लिए भी पहेली बना हुआ था। अब उसकी ओमान में गिरफ्तारी को भारतीय जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। जैसे ही भारत सरकार की ओर से कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी, उसे भारत लाया जाएगा। उसके पकड़े जाने के बाद इस पूरे मामले में शामिल अन्य चेहरों और नेटवर्क के कई बड़े राज खुलने की संभावना है। महादेव ऐप केस ने देश में ऑनलाइन सट्टेबाजी की भयावहता को उजागर किया है और सौरभ की गिरफ्तारी इस केस का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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