INDIA गठबंधन में ही बनी रहेंगी सुप्रिया सुले, डीलिमिटेशन के मुद्दे पर दी बड़ी जानकारी भारत एक महीने पहले 80
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले ने एनडीए में शामिल होने की तमाम चर्चाओं को खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीलिमिटेशन जैसे विषयों पर विपक्षी गठबंधन सामूहिक रूप से निर्णय लेगा।

एनडीए में शामिल होने की अफवाहों को नकारा

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने उन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है जिनमें उनके एनडीए में शामिल होने की बात कही जा रही थी। मुंबई में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी किसी भी तरह के दबाव में कार्य नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी मजबूती से INDIA गठबंधन के साथ खड़ी है और आने वाले समय में डीलिमिटेशन जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषयों पर गठबंधन के सभी सहयोगी दल आपस में विचार-विमर्श करके ही कोई ठोस फैसला लेंगे।

डीलिमिटेशन पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं

सुप्रिया सुले ने मीडिया को जानकारी दी कि वर्तमान में केंद्र सरकार की ओर से डीलिमिटेशन से संबंधित न तो कोई विधेयक पेश किया गया है और न ही उनके समक्ष कोई आधिकारिक प्रस्ताव आया है। जब तक कोई स्पष्ट रूपरेखा सामने नहीं आती, तब तक इस पर किसी भी प्रकार के समर्थन या विरोध का प्रश्न ही पैदा नहीं होता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि सरकार इस दिशा में कोई कदम उठाती है, तो INDIA गठबंधन के घटक दलों के साथ एक व्यापक चर्चा की जाएगी और उसी के आधार पर पार्टी अपना स्टैंड स्पष्ट करेगी।

महिला आरक्षण को प्राथमिकता देने की मांग

महिला आरक्षण के विषय पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि संसद द्वारा पारित 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कानून को सबसे पहले धरातल पर उतारा जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि न तो INDIA गठबंधन और न ही एनसीपी (एसपी) ने डीलिमिटेशन को लेकर कोई मांग रखी है।

अमित शाह और किरण रिजिजू के साथ बैठक का विवरण

सुप्रिया सुले ने बजट सत्र के दौरान हुई एक महत्वपूर्ण बैठक का खुलासा करते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने उन्हें, असदुद्दीन ओवैसी और अरविंद सावंत को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित थे। चर्चा के दौरान सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि करने के संभावित फॉर्मूले पर बात हुई थी, ताकि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन करते समय किसी भी राज्य के साथ असंतुलन की स्थिति न बने। उन्होंने यह भी बताया कि बाद में जो विधेयक लाया गया, उसमें इस प्रस्ताव का कोई जिक्र नहीं था। सुले ने उल्लेख किया कि शरद पवार के नेतृत्व में गठबंधन ने इस संबंध में सरकार को पत्र लिखकर एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया था, क्योंकि लोकतंत्र में बड़े फैसले सबकी सहमति से होने चाहिए।

पार्टी की एकजुटता पर भरोसा

एनडीए में जाने की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने दोहराया कि पार्टी में ऐसी कोई चर्चा या प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके सभी आठ सांसद पूरी तरह एकजुट हैं और पार्टी का हर निर्णय सामूहिक चर्चा के बाद ही लिया जाता है।

पार्टी के विलय पर प्रतिक्रिया

एनसीपी के दोनों गुटों के विलय से जुड़े सवाल पर सुप्रिया सुले काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि उनके भाई अजित पवार की इच्छा थी कि दोनों दल एक साथ आ जाएं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके निधन के बाद अब इस विषय पर कोई बात नहीं हो रही है। फिलहाल पार्टी का पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने और जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने पर केंद्रित है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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