बिहार
एक घंटा पहले
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प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख
बिहार के सुपौल जिले में प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ जिला कलेक्टर सावन कुमार ने बेहद सख्त कदम उठाया है। त्रिवेणीगंज अंचल की अंचलाधिकारी (सीओ) प्रियंका सिंह के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों और सरकारी कार्यों में ढिलाई को देखते हुए उन्हें पद से हटा दिया गया है। जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है और इस संबंध में औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए हैं।
प्रियंका सिंह को समाहर्त्ता कार्यालय में किया गया तैनात
जारी किए गए प्रशासनिक आदेश के तहत प्रियंका सिंह से त्रिवेणीगंज अंचल की सभी जिम्मेदारियां और कामकाज तुरंत वापस ले लिए गए हैं। उन्हें अपर समाहर्त्ता कार्यालय, सुपौल में अपनी सेवा देने का निर्देश दिया गया है। वहीं, अंचल के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए नया इंतजाम किया गया है। अब मरौना के राजस्व अधिकारी प्रेम शंकर को त्रिवेणीगंज अंचल का नया प्रभार सौंपा गया है और वे यहां की कमान संभालेंगे।
इन सरकारी कामों में बरती जा रही थी लापरवाही
मिली जानकारी के अनुसार, त्रिवेणीगंज अंचल कार्यालय में कई प्रमुख राजस्व और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी फाइलों की रफ्तार बेहद धीमी थी। उच्च अधिकारियों द्वारा बार-बार दिए गए दिशा-निर्देशों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा था। मुख्य रूप से निम्नलिखित मामलों में ढिलाई सामने आई थी:
- राजस्व संग्रहण: वसूली के सरकारी लक्ष्यों को समय पर पूरा न करना।
- दाखिल-खारिज: म्यूटेशन से जुड़े आवेदनों के निपटारे में अनावश्यक देरी।
- अतिक्रमणवाद: भूमि पर अवैध कब्जों से संबंधित मामलों की सुस्त कार्रवाई।
- लोक शिकायत निवारण: आम जनता से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध समाधान न होना।
- सहयोग पोर्टल: इस पोर्टल पर प्राप्त होने वाले आवेदनों के निष्पादन में लापरवाही बरतना।
वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी पड़ी भारी
राजस्व से जुड़े इन महत्वपूर्ण कार्यों में लगातार हो रही देरी और अपेक्षित सुधार न होने की वजह से जिला प्रशासन का रुख सख्त हुआ। उच्च अधिकारियों की ओर से प्रियंका सिंह को कई बार निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कामकाज की रफ्तार नहीं बढ़ सकी। सरकारी निर्देशों की अनदेखी और जनहित के कार्यों में धीमी प्रगति को देखते हुए जिला कलेक्टर सावन कुमार ने यह निर्णायक फैसला लिया।
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