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एक घंटा पहले
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कप्तानी के दबाव में दिखा बल्ले का तूफान
क्रिकेट के मैदान पर एक कप्तान की भूमिका बेहद चुनौतीपूर्ण होती है। एक तरफ टीम की जीत की जिम्मेदारी होती है, तो दूसरी तरफ खुद के प्रदर्शन का दबाव। लेकिन वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में कई ऐसे जांबाज कप्तान रहे हैं जिन्होंने इन दबावों को दरकिनार कर अपनी बल्लेबाजी से पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया। कप्तानी के दौरान वनडे में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियां खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा साफ नजर आता है, साथ ही इंग्लैंड और श्रीलंका के दिग्गजों ने भी अपने नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराए हैं।
शुभमन गिल का ऐतिहासिक कारनामा
इस सूची में सबसे ऊपर भारत के युवा कप्तान शुभमन गिल का नाम आता है। 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी के मैदान पर उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ एक ऐसी पारी खेली जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। गिल ने महज 133 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 223 रनों की तूफानी पारी खेली। उनकी इस यादगार पारी में 26 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। 167.66 के स्ट्राइक रेट के साथ 219 मिनट तक क्रीज पर डटे रहकर उन्होंने साबित कर दिया कि वे लंबी पारियां खेलने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। कप्तान के रूप में वनडे इतिहास का यह सबसे बड़ा स्कोर है।
वीरेंद्र सहवाग की इंदौर में आतिशबाजी
शुभमन गिल से पहले, भारत के विस्फोटक बल्लेबाज और पूर्व कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 8 दिसंबर 2011 को इंदौर के होलकर स्टेडियम में वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। सहवाग ने अपनी आक्रामक शैली का परिचय देते हुए 149 गेंदों पर 219 रन बनाए थे। इस पारी में उन्होंने 25 चौके और 7 छक्के जड़े। 208 मिनट तक मैदान पर अपना कब्जा जमाए रखने वाले सहवाग का स्ट्राइक रेट 146.97 रहा था। यह पारी आज भी कप्तानी के दौरान खेली गई सबसे आक्रामक पारियों में गिनी जाती है।
रोहित शर्मा का मोहाली में दोहरा शतक
इस विशिष्ट सूची में टीम इंडिया के 'हिटमैन' रोहित शर्मा भी शामिल हैं। 13 दिसंबर 2017 को मोहाली के मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने नाबाद 208 रनों की पारी खेली थी। रोहित शर्मा ने 153 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी को सजाने के लिए 13 चौके तथा 12 छक्के लगाए। 212 मिनट की इस मैराथन पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 135.94 रहा था। कप्तानी के दबाव में रोहित का यह दोहरा शतक उनके शांत स्वभाव और बड़े मैचों के लिए उनकी एकाग्रता को दर्शाता है।
हैरी ब्रूक की रावलपिंडी में धमाकेदार बल्लेबाजी
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने भी इस सूची में अपनी जगह बनाकर सबको चौंका दिया। 22 अक्टूबर 2026 को रावलपिंडी में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने एक ऐसी पारी खेली जो बेहद तेज और प्रभावशाली थी। ब्रूक ने केवल 116 गेंदों में 202 रन बना डाले। 159 मिनट की अपनी इस पारी में उन्होंने 21 चौके और 10 छक्के लगाए। 174.13 के शानदार स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने यह साबित किया कि मौजूदा दौर के बल्लेबाज सीमित ओवरों के खेल को किस स्तर पर ले जा चुके हैं।
सनथ जयसूर्या की शारजाह में यादगार पारी
वनडे क्रिकेट के महान ऑलराउंडर और श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या भी इस सूची में एक प्रमुख स्थान रखते हैं। 29 अक्टूबर 2000 को शारजाह के ऐतिहासिक मैदान पर भारत के खिलाफ खेलते हुए जयसूर्या ने 161 गेंदों का सामना किया और 189 रनों की मैराथन पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी के दौरान 21 चौके और 4 छक्के लगाए थे। 117.39 के स्ट्राइक रेट के साथ खेली गई यह पारी उस दौर के हिसाब से कप्तानी की एक बेहतरीन मिसाल थी।
इन पांचों कप्तानों की पारियां इस बात का प्रमाण हैं कि जब खिलाड़ी पर जिम्मेदारी का ताज होता है, तो वह अपने खेल को और भी अधिक निखार लेता है। चाहे वह रनों की संख्या हो या स्ट्राइक रेट, इन खिलाड़ियों ने समय-समय पर यह साबित किया है कि कप्तान के तौर पर जिम्मेदारी निभाना बल्लेबाजी में आड़े नहीं आता।
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