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सैन्य परंपरा को मिली नई उड़ान
बिहार के सीतामढ़ी जिले का मान एक बार फिर बढ़ा है। जिले के रीगा प्रखंड स्थित सिंघोरवा गांव के रहने वाले सौरव चौधरी अब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। 13 जून 2026 को आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान उन्हें आधिकारिक तौर पर इंजीनियर्स कोर में शामिल किया गया। सौरव की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
परिवार में देश सेवा का जज्बा
सौरव का नाता एक ऐसे परिवार से है जहां देश सेवा संस्कार के रूप में मिलती है। उनके दादा स्वर्गीय सूबेदार चंदेश्वर चौधरी ने सेना में रहकर देश की रक्षा की थी, वहीं उनके पिता सूबेदार संजीव कुमार भी सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दादा और पिता की पदचिन्हों पर चलते हुए सौरव ने भी खाकी वर्दी को अपना लक्ष्य बनाया और अपनी मेहनत से इसे हासिल कर दिखाया।
कॉर्पोरेट की जगह चुना सेना का रास्ता
उच्च शिक्षा के दौरान सौरव ने बी.टेक. की पढ़ाई पूरी की। हालांकि उनके पास कॉर्पोरेट जगत में एक सुरक्षित भविष्य चुनने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने सुख-सुविधाओं वाली नौकरी के बजाय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना बेहतर समझा। उनकी इस दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत का परिणाम आज उनके कंधों पर सजे सितारे हैं। सौरव की सफलता से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और स्थानीय युवा उनके संघर्ष से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
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