ब्रिक्स गाला डिनर: शी जिनपिंग की अनुपस्थिति पर बड़ा खुलासा, साथ ही अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने भी बनाई दूरी राष्ट्रीय राजनीति 3 घंटे पहले 7
भारत की मेजबानी में आयोजित ब्रिक्स समिट के दौरान शनिवार को हुए भव्य रात्रिभोज में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद शामिल नहीं हुए।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और रात्रिभोज की हलचल

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स के 18वें शिखर सम्मेलन के दौरान शनिवार, 12 सितंबर 2026 को वैश्विक नेताओं का जमावड़ा रहा। इस सम्मेलन का महत्व इस बात से भी है कि इसमें सदस्य देशों के साथ-साथ कई आमंत्रित राष्ट्रों के प्रतिनिधि भी पहुंचे। दिन भर चले गहन मंथन और ज्‍वाइंट स्टेटमेंट पर आम सहमति बनने के बाद, शाम को सभी अतिथियों के लिए एक भव्य राजशाही रात्रिभोज यानी गाला डिनर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन दो बड़े वैश्विक चेहरों की गैर-मौजूदगी ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

शी जिनपिंग और शेख खालिद की अनुपस्थिति

रात्रिभोज के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का वहां न होना चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, इस पर आधिकारिक रूप से कोई ठोस बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति जिनपिंग संभवत: थकान महसूस कर रहे थे और अपने होटल वापस लौट गए थे ताकि वे आराम कर सकें। गौर करने वाली बात यह है कि शनिवार को ही नई दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने दिन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की थी।

वहीं, दूसरी ओर अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद भी इस भोज में शामिल नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार, वे दिन भर की गतिविधियों के बाद अपने स्वदेश रवाना हो गए थे। इन दो प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में विभिन्न कयासों को जन्म दिया है, हालांकि आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह केवल व्यस्तता और व्यक्तिगत कारणों से जुड़ा मामला है।

कार्यक्रम में शामिल होने वाले दिग्गज

भले ही कुछ नेता शामिल नहीं हो पाए, लेकिन इस भव्य कार्यक्रम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित ब्रिक्स के अन्य शीर्ष नेताओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस अवसर पर भारत के राजनीतिक नेतृत्व का भी बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। केंद्रीय मंत्रियों में अमित शाह, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव और शिवराज सिंह चौहान विशेष रूप से उपस्थित थे।

इसके साथ ही, राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इस डिनर में हिस्सा लिया। इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा प्रमुख थे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की उपस्थिति भी विशेष रूप से देखी गई। दिलचस्प बात यह है कि केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री संसद भवन से दो बसों में सवार होकर भारत मंडपम स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे।

रात्रिभोज का खास मेन्यू

आयोजन को लेकर परोसे गए व्यंजनों ने भी सभी का मन मोह लिया। मेहमानों के लिए तैयार किए गए मेन्यू में विविधता और भारतीय स्वाद का अनूठा मेल था। इसमें खांडवी मिलेफुई, खुंब गलौटी, पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक, कैरट-बीन पोरियल और मिलेट पुलाव जैसे व्यंजन शामिल थे। मीठे में पुरानी दिल्ली फ्रूट क्रीम के साथ जलेबी और शहतूत फिरनी ने रात्रिभोज का समापन किया।

ब्रिक्स समिट का महत्व

भारत 12-13 सितंबर 2026 के दौरान इस बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहा है। इसमें कुल 11 सदस्य देश और 10 साझेदार देशों के शीर्ष नेता भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त, कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भी नई दिल्ली में उपस्थित हैं। यह शिखर सम्मेलन मौजूदा वैश्विक चुनौतियों और सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से बेहद अहम माना जा रहा है, और भारत की इसमें भूमिका को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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