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16 घंटे पहले
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बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली स्वाति झा का खेती का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। कम लागत और एक झोपड़ी में मशरूम उगाने से शुरू हुआ उनका यह सफर आज AC प्लांट तक पहुंच चुका है, जहां से उन्हें साल में लाखों रुपये की कमाई आसानी से हो जाती है। खास बात यह है कि वह अपने साथ-साथ आसपास के लोगों को भी इस काम से जोड़कर कमाई का जरिया दे रही हैं।
एक कमरे से शुरुआत, अब AC प्लांट तक का सफर
स्वाति का उदाहरण बताता है कि कारोबार खड़ा करने और पैसा कमाने के लिए बहुत बड़ी डिग्री जरूरी नहीं है, बल्कि लगन और थोड़े से प्रशिक्षण की जरूरत होती है। उन्होंने व्यवसाय के तौर पर 2016 से मशरूम उत्पादन का काम शुरू किया था। शुरुआत एक कमरे से हुई और अब वह AC प्लांट तक का सफर तय कर चुकी हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि झोपड़ी वाला काम बंद हो गया है। वह तीन तरह के मशरूम उगाती हैं।
पिता बने पहले गुरु
लोकल 18 से बातचीत में स्वाति झा ने बताया कि व्यवसाय के रूप में उन्होंने 2016 में शुरुआत की, लेकिन मशरूम उन्होंने पहली बार 2001 में ही खाया था। उन्होंने बताया कि उनके पिता ही उनके पहले गुरु हैं, जो मधुबनी जिले के पहले ऐसे किसान रहे जिन्होंने उस दौर में मशरूम उगाकर आत्मा प्रभारी (कृषि विभाग) को दिखाया था, जब लोग इसके बारे में जानते तक नहीं थे।
स्वाति के मुताबिक, टीवी पर एक विज्ञापन देखकर उनके मन में विचार आया कि यह हुनर तो पहले से ही उनके पास है, फिर क्यों न इस क्षेत्र में कुछ बेहतर किया जाए। तभी से वह तीन तरह के मशरूम उगा रही हैं, जिनमें ऑस्टर, बटन और मिल्की वैरायटी शामिल हैं।
दिल्ली-मुंबई तक जा रहा प्रोडक्ट
बाजार को लेकर स्वाति ने बताया कि उनका उत्पाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और देहरादून के साथ-साथ बिहार के मिथिलांचल के हर इलाके तक पहुंचता है। इससे उन्हें अच्छी कमाई हो रही है और अब वह AC प्लांट तक का सफर देख रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने 100 रुपये में सीखा, 500 रुपये से शुरुआत की और अब लाखों में कमाई कर रही हैं।
कितनी हो सकती है कमाई
स्वाति के अनुसार, इस काम के लिए प्रशिक्षण जरूरी है। अगर तकनीकी बातें और तरीका सीख लिया जाए तो इसे कोई भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि किस्मत चाहे कितनी भी खराब हो, आप जितनी लागत लगाएंगे, तीन से चार महीने में उसका दोगुना तो कमा ही लेंगे। वहीं अगर फसल अच्छी हुई तो लागत से तीन से चार गुना तक कमाई की जा सकती है।
जिले की पहली महिला मशरूम उत्पादक
दरअसल, मशरूम की खेती स्वाति ने अपने पिता से ही सीखी, जो उनके प्राथमिक गुरु हैं। आज वह मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रही हैं और मधुबनी जिले की पहली महिला मशरूम उत्पादक के रूप में उनका नाम सबसे आगे है। बात चाहे कृषि विभाग में प्रशिक्षण की हो या फिर बड़ी मात्रा में मशरूम उत्पाद के ऑर्डर की, सबसे पहले स्वाति को ही याद किया जाता है।
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