महाराष्ट्र
एक दिन पहले
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आंदोलन के बाद मार्च की औचित्य पर सवाल
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने छात्रों के हालिया विरोध प्रदर्शनों के खत्म होने के बाद विपक्ष की सक्रियता पर सवाल खड़े किए हैं। मुंबई के नेस्को एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिंदे ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया है, तो उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे को तिरंगा मार्च निकालने की क्या आवश्यकता है। उन्होंने इस गतिविधि को केवल राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करार दिया है।
श्रेय लेने की राजनीति का आरोप
एकनाथ शिंदे का मानना है कि विपक्ष इस पूरे मामले में केवल श्रेय लेने की फिराक में है। शिंदे ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रुख हमेशा से युवाओं और देश के नागरिकों के प्रति संवेदनशील रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि संबंधित मंत्री का इस्तीफा पहले ही लिया जा चुका है और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रधानमंत्री मोदी एक नया सख्त कानून लेकर आ रहे हैं। शिंदे के अनुसार, सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है और इस दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री की कार्यशैली का बचाव
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे दिखावे में विश्वास नहीं रखते, बल्कि काम करने वाली कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन पर कड़ी आपत्ति
एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन आयोजित करने की तीखी निंदा की। उन्होंने इस प्रदर्शन को प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया। शिंदे ने कहा कि राहुल गांधी स्वयं इस बात से भली-भांति अवगत हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की दुखद हत्या के बाद प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए एसपीजी का गठन किया गया था। इस प्रकार की संवेदनशील सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन करना एक गलत परंपरा है। उन्होंने इसे राहुल गांधी की ओछी राजनीति करार देते हुए इसकी कड़ी आलोचना की।
ठाकरे बंधुओं की रणनीति पर चर्चा
छात्रों के आंदोलन की आड़ में उद्धव ठाकरे अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को दोबारा हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के साथ मुंबई के दादर में आयोजित एक ‘विजय उत्सव’ को संबोधित किया। इस रैली में जेन Z पीढ़ी के युवाओं को विशेष रूप से शामिल किया गया था। इस प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि वहां किसी पार्टी विशेष के झंडे के बजाय तिरंगा लहराया गया, जिसे राजनीतिक जानकारों द्वारा उद्धव ठाकरे की नई रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
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