थप्पड़ को कहा प्यार, छेड़छाड़ को रोमांस: इन 8 फिल्मों के सीन्स पर खूब हुआ हंगामा मनोरंजन एक महीने पहले 20
साउथ सिनेमा की कई चर्चित फिल्मों के कुछ सीन्स पर 'महिला विरोधी सोच' और 'टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी' को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं। 'बाहुबली', 'अर्जुन रेड्डी' और 'पुष्पा' जैसी फिल्मों के दृश्य लगातार विवादों में रहे।

फिल्म 'पेड्डी' से पहले भी ऐसी कई फिल्में पर्दे पर आ चुकी हैं, जिनके कुछ दृश्यों को लेकर सोशल मीडिया और आलोचकों के बीच जमकर बहस छिड़ी। साउथ इंडियन सिनेमा की ऐसी ही 8 अहम फिल्में रहीं, जिन पर 'महिला विरोधी सोच' और 'टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी' को हवा देने का आरोप लगा। इन फिल्मों में बिना सहमति के शारीरिक संपर्क, छेड़छाड़, पीछा करने और ब्लैकमेलिंग जैसी चीज़ों को मनोरंजन की चाशनी में परोसा गया, जबकि कुछ में थप्पड़ और हिंसक बर्ताव को जुनूनी प्यार बताकर पेश किया गया।

'बाहुबली: द बिगिनिंग' का विवादित गाना

ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बाहुबली: द बिगिनिंग' में प्रभास और तमन्ना भाटिया पर फिल्माए गए एक रोमांटिक गाने को लेकर खूब बखेड़ा हुआ था। इस गाने में हीरो जबरन हीरोइन के कपड़े और लुक बदल देता है। बहुत से लोगों ने इसे प्यार नहीं, बल्कि सरेआम छेड़छाड़ और उत्पीड़न करार दिया।

'कसाबा' में महिला अफसर का अपमान

साल 2016 में आई ममूटी की ड्रामा फिल्म 'कसाबा' भी विवादों में घिर गई थी। इसके एक दृश्य में मुख्य किरदार अपनी ही महिला सीनियर अधिकारी का बेहद भद्दे अंदाज़ में अपमान करता है। वह महिला को अपनी ओर खींचते हुए उसकी बेल्ट पकड़ लेता है, जिस पर समाज में तीखी आलोचना हुई।

'अर्जुन रेड्डी' और टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी

साल 2017 की कल्ट हिट फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' 'टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी' की सबसे बड़ी मिसाल बनकर सामने आई। इसमें हीरो का अपनी गर्लफ्रेंड को थप्पड़ मारना, उसे अपनी जागीर समझना और बात-बात पर हिंसक हो जाना सच्चे प्यार की तरह दिखाया गया, जिससे समाज में गलत संदेश गया।

'चंक्ज' के महिला विरोधी चुटकुले

साल 2017 में रिलीज़ हुई एडल्ट कॉमेडी फिल्म 'चंक्ज' पूरी तरह सस्ते और महिला विरोधी चुटकुलों पर आधारित थी। इसमें महिला किरदारों को सिर्फ पुरुषों की नज़रों से एक वस्तु की तरह पेश किया गया, और दोहरे अर्थ वाले डायलॉग्स तथा स्लट-शेमिंग का खुलकर इस्तेमाल हुआ।

'गीता गोविंदम' की अटपटी शुरुआत

साल 2018 की फिल्म 'गीता गोविंदम' की कहानी भी एक अजीब घटना से शुरू होती है, जहां हीरो बस में सो रही एक लड़की के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में उसे गलती से चूम लेता है। पूरी फिल्म में हीरो इसी हरकत को सही ठहराने में लगा रहता है और अंत में लड़की भी उसे वैसे ही स्वीकार कर लेती है, जिसे दर्शकों ने गलत ठहराया।

'आरएक्स 100' में महिला किरदार की छवि

तेलुगु फिल्म 'आरएक्स 100' में महिला किरदार को हद से ज्यादा निर्दयी, चालाक और धोखेबाज़ विलेन के रूप में गढ़ा गया। फिल्म के इस रवैये की आलोचना इसलिए हुई क्योंकि यह समाज में महिलाओं को लेकर पहले से मौजूद नकारात्मक और रूढ़िवादी सोच को और गहरा करती है।

'आईस्मार्ट शंकर' के आपत्तिजनक दृश्य

साउथ की एक और बड़ी फिल्म 'आईस्मार्ट शंकर' में भी हीरो के बिना मर्ज़ी लड़की को छूने जैसे दृश्य दिखाए गए। इन सीन्स को बेहद मज़ेदार और रोमांटिक अंदाज़ में पेश किया गया, जिस पर दर्शकों ने गहरी नाराज़गी जताई।

'पुष्पा: द राइज' का जबरन रोमांस

'पुष्पा: द राइज' में आपत्तिजनक रोमांटिक प्लॉट को लेकर फिल्म की कड़ी आलोचना हुई। इसमें हीरो, हीरोइन को पैसे के बदले किस करने के लिए मजबूर करता है। इससे उसकी अपनी मर्ज़ी की अहमियत घट जाती है और जबरदस्ती वाले बर्ताव को रोमांटिक रंग में दिखा दिया जाता है।

आन्या कपूर पाबना के मनोरंजन रिपोर्टर हैं, जो बॉलीवुड, ओटीटी और टेलीविजन की खबरें कवर करते हैं। फिल्मों, वेब सीरीज, सेलिब्रिटी और बॉक्स ऑफिस पर उनकी पैनी नजर रहती है। वे मनोरंजन जगत की हलचल को रोचक अंदाज में दर्शकों तक लाते हैं।

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