हरियाणा में चक्रवाती तूफान अर्नब का कहर: बासमती की फसल बर्बाद, किसानों की बढ़ी चिंताएं हरियाणा एक घंटा पहले 6
हरियाणा के कई हिस्सों में चक्रवाती तूफान अर्नब और बेमौसम बारिश ने धान की तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके बाद कृषि विभाग ने प्रभावित किसानों को मुआवजे के लिए आवेदन करने को कहा है।

तूफान से खेतों में बिछी फसल

हरियाणा के सोनीपत और गुरुग्राम सहित राज्य के कई जिलों में चक्रवाती तूफान अर्नब के चलते किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। तेज हवाओं और भारी बारिश ने खेतों में पककर तैयार खड़ी बासमती धान की फसल को पूरी तरह से धराशायी कर दिया है। गोहाना क्षेत्र में सबसे अधिक तबाही देखने को मिली है, जहां धान की फसल खेतों में पूरी तरह बिछ गई है। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है और उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों ने लगाई मुआवजे की गुहार

फसल के बर्बाद होने से स्थानीय किसान काफी परेशान हैं। बलबीर और कपिल जैसे प्रभावित किसानों का कहना है कि उनकी बड़ी तादाद में खड़ी फसल जमीन पर गिर गई है, जिससे धान की गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि इस प्राकृतिक आपदा का संज्ञान लेते हुए उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए ताकि हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।

कृषि विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी

किसानों की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है। कृषि विभाग के एसडीओ राजेंद्र कुमार मेहरा ने स्पष्ट किया कि यदि कटाई के बाद खेत में रखी फसल भी बारिश के कारण खराब हुई है, तो बीमित किसान इसका दावा कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा कराया है, वे अपने नुकसान की सूचना तुरंत दर्ज करवाएं। नुकसान का आकलन करने के लिए किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं ताकि नियमानुसार मुआवजा राशि की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

कई जिलों में दर्ज की गई भारी बारिश

करवाचौथ के दिन से शुरू हुई बारिश ने पंचकूला, अंबाला और गुरुग्राम जैसे जिलों में जनजीवन और कृषि गतिविधियों को प्रभावित किया। गुरुग्राम में 29 अक्टूबर सुबह 8:00 बजे से 30 अक्टूबर सुबह 8:00 बजे के बीच काफी अधिक बारिश दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम में 27 मिमी, कादीपुर में 26 मिमी, हरसरू में 26 मिमी, वजीराबाद में 39 मिमी, बादशाहपुर में 38 मिमी और सोहना में 42 मिमी बारिश हुई। इसके अतिरिक्त, मानेसर में 18 मिमी, पटौदी में सर्वाधिक 80 मिमी और फर्रुखनगर में 51 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि, अब शुक्रवार के दिन हरियाणा के कई हिस्सों में बादल छंटने के साथ हल्की धूप निकल आई है, जिससे किसानों को थोड़ी राहत की उम्मीद है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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