चांदी का भाव लुढ़ककर ₹2,30,493 पर, सोना भी सस्ता- जानें आज के ताजा रेट व्यापार 2 घंटे पहले 2
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा तनाव के बीच MCX पर सोना और चांदी दोनों लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। इंट्राडे में चांदी 2,30,493 रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसल गई।

सोना-चांदी भाव: मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच ताजा बमबारी की खबरों के बीच कीमती धातुओं की कीमतों पर जबरदस्त दबाव दिख रहा है। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों गिरावट के साथ लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए। सुबह करीब 10.12 बजे 5 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना 0.45 प्रतिशत यानी 660 रुपये टूटकर 1,47,357 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं 3 जुलाई की डिलीवरी वाली चांदी 0.43 प्रतिशत यानी 1005 रुपये की गिरावट के साथ 2,34,500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी।

सोना 1,46,444 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसला

गुरुवार को 5 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना गिरावट के साथ 1,46,518 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। बुधवार को यही अनुबंध 1,48,017 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। दिनभर के कारोबार के दौरान सोने ने 1,47,620 रुपये प्रति 10 ग्राम का इंट्राडे हाई और 1,46,444 रुपये प्रति 10 ग्राम का इंट्राडे लो छुआ।

चांदी ने छुआ 2,30,493 रुपये का निचला स्तर

दूसरी ओर, 3 जुलाई की डिलीवरी वाली चांदी आज गिरावट के साथ 2,31,671 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली, जबकि बुधवार को यह 2,35,505 रुपये पर बंद हुई थी। कारोबार के दौरान चांदी 2,34,527 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे हाई से लेकर 2,30,493 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे लो तक पहुंच गई।

बुधवार को सर्राफा बाजार में भी बड़ी गिरावट

उल्लेखनीय है कि बुधवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के दामों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई थी। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी 10,000 रुपये (लगभग 4 प्रतिशत) सस्ती होकर 2,45,700 रुपये प्रति 1 किलोग्राम पर आ गई। इसके साथ ही 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 4300 रुपये (लगभग 3 प्रतिशत) लुढ़ककर 1,56,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।

आखिर क्यों गिर रहे हैं भाव

पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेज गिरावट बनी हुई है। जानकारों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा। ऊर्जा की कीमतों में उछाल से महंगाई के लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बने रहने और ब्याज दरों के ऊंचा रहने की आशंका गहरा गई है। इसी वजह से निवेशकों के बीच सोने-चांदी को लेकर आकर्षण कुछ कम हुआ है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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