महाराष्ट्र
एक घंटा पहले
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विचारों
शक्ति प्रदर्शन और उद्धव का सीधा हमला
शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस के मौके पर महाराष्ट्र की सियासत में जबरदस्त हलचल देखी गई। जहां एक तरफ एकनाथ शिंदे ने गोरेगांव में कार्यक्रम आयोजित किया, वहीं माटुंगा के शनमुखानंद हॉल में उद्धव ठाकरे ने अपनी ताकत दिखाई। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार, BJP और एकनाथ शिंदे गुट पर तीखे शब्दबाण चलाए और चेतावनी दी कि कहीं भविष्य में शिंदे गुट को BJP में विलय न करना पड़ जाए।
शिवसेना का अस्तित्व और विचारधारा
उद्धव ठाकरे ने सभा में मौजूद 4 सांसदों और सभी विधायकों का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी टूटने के बाद भी वह कमजोर नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसेना सत्ता के लिए नहीं बनी है, बल्कि सत्ता उनके लिए बनी है। उद्धव ने जोर देकर कहा कि 30 साल BJP के साथ रहने के बावजूद हमने शिवसेना का विलय नहीं किया, तो कांग्रेस के साथ विलय का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने तंज कसा कि कहीं अंत में BJP ही शिंदे गुट में विलीन न हो जाए।
BJP पर हमला और व्यक्तिगत आरोप
उद्धव ठाकरे ने BJP पर आरोप लगाया कि वह अपने नेता तैयार करने के बजाय दूसरे दलों को तोड़ने में लगी है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार, पत्नी और बेटों आदित्य ठाकरे व तेजस ठाकरे पर लगातार व्यक्तिगत हमले किए जा रहे हैं। उद्धव ने मतदाताओं से माफी मांगते हुए कहा कि जिन्होंने पार्टी छोड़ी, उन्होंने जनता के भरोसे को तोड़ा है। उन्होंने ममता बनर्जी का उदाहरण देते हुए खुद को संघर्ष के लिए तैयार बताया।
लोकतंत्र और भविष्य की रणनीति
- उद्धव ने कहा कि हिंदुत्व ही राष्ट्रवाद है और वह चोटी व जनेऊ तक सीमित नहीं है।
- लोकतंत्र पर चिंता जताते हुए कहा कि स्थिति 'वन नेशन, नो इलेक्शन' जैसी होती जा रही है।
- उन्होंने विपक्षी दलों से 'ऑपरेशन कमल' चलाने की बात कही ताकि सत्ता पक्ष को चुनौती दी जा सके।
- उद्धव ने कहा कि यदि शिवसैनिकों को लगता है कि वह पद के योग्य नहीं हैं, तो वह तुरंत जिम्मेदारी छोड़ देंगे।
कार्यक्रम के अंत में उद्धव ठाकरे ने एक भावुक अपील की, जिस पर कार्यकर्ताओं ने उन्हें अपना समर्थन दिया। इस स्थापना दिवस के आयोजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि उद्धव ठाकरे आगामी भविष्य के लिए बेहद आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में हैं।
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