हिमाचल प्रदेश
6 दिन पहले
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हिमाचल प्रदेश के शिमला के संजौली में बीते शनिवार को एक निजी स्कूल की महिला संचालक की हत्या के मामले में पुलिस अब तक किसी ठोस सुराग तक नहीं पहुंच पाई है। मृतका मनीषा मित्तल को उन्हीं के स्कूल के गेट के पास गोलियों से भून दिया गया था। हमलावरों ने सिर से सटाकर गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अब इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया सामने
जानकारी के मुताबिक मूल रूप से हरियाणा के रोहतक की रहने वाली मनीषा संजौली में सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल का संचालन करती थीं। नकाबपोश हमलावरों ने उन पर कुल चार गोलियां चलाई थीं। रिपोर्ट के अनुसार इनमें से तीन गोलियां उनके सिर पर लगीं — दो गोलियां सिर के आरपार निकल गईं, जबकि एक गोली सिर के भीतर ही फंसी रह गई। पुलिस ने घटनास्थल से गोलियों के खोखे भी बरामद किए हैं। फिलहाल मनीषा के पति के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं।
जांच के लिए एसआईटी गठित
एसपी शिमला गौरव सिंह ने इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस संपत्ति विवाद और आपसी रंजिश समेत अलग-अलग पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही है। अब तक आरोपियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
मैगी लेने गई थीं, लौटते ही चली गोली
रोहतक की मनीषा की शादी रेवाड़ी में हुई थी। बताया जा रहा है कि उनका अपने भाइयों के साथ संपत्ति को लेकर विवाद था और स्कूल में हिस्सेदारी को लेकर बीते 6 साल से तनातनी चल रही थी। शनिवार शाम को वह दुकान से मैगी खरीदने गई थीं और जैसे ही लौटीं, स्कूल के गेट पर उन्हें गोली मार दी गई। उस समय उनकी बेटी स्कूल के भीतर एक कमरे में मौजूद थी। मां-बेटी दोनों यहीं रहती थीं। माना जा रहा है कि यह हमला सुनियोजित ढंग से रेकी करने के बाद अंजाम दिया गया।
रोहतक तक पहुंची जांच
शिमला पुलिस ने अब रोहतक में भी दस्तक दे दी है और मनीषा के भाई हेमांक मित्तल को पूछताछ के लिए तलब किया है। उल्लेखनीय है कि इस स्कूल को लेकर वर्ष 2020 से विवाद चल रहा था और पिछले साल यह मामला राज्यपाल तक भी पहुंचा था। रोहतक में भी इस स्कूल की एक शाखा है।
पहले भी जताई थी जान का खतरा
मनीषा ने अपनी जान को खतरा बताते हुए कई बार सोशल मीडिया पर लाइव किया था और पुलिस से मदद की गुहार भी लगाई थी, लेकिन शिमला पुलिस ने उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस घटना पर सोशल मीडिया पर लिखा कि कानून व्यवस्था इस कदर ध्वस्त हो चुकी है कि लोग अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग पुलिस और सरकार से मदद मांग रहे हैं, फिर भी उनकी हत्या हो रही है — यदि यह जंगलराज नहीं तो और क्या है।
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