हिमाचल प्रदेश में HRTC हड़ताल: सरकार ने लागू किया ESMA, 656 नए ड्राइवरों की होगी भर्ती हिमाचल प्रदेश 2 घंटे पहले 2
हिमाचल प्रदेश में परिवहन कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर सुक्खू सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए ESMA लागू कर दिया है और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए नई भर्तियां शुरू कर दी हैं।

हड़ताल और सरकार की सख्ती

हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी (HRTC) के ड्राइवर और कंडक्टर आज रात से हड़ताल पर जा रहे हैं। कर्मचारियों के इस कदम को देखते हुए सुक्खू सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सरकार ने राज्य में आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून यानी ESMA लागू कर दिया है। इसके तहत अब परिवहन कर्मचारियों का हड़ताल पर जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है और नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की लाइफलाइन मानी जाने वाली एचआरटीसी सेवाओं को किसी भी सूरत में बाधित नहीं होने दिया जाएगा।

क्यों मचा है बवाल

एचआरटीसी कर्मचारियों की यूनियन लंबे समय से अपने बकाया भुगतान को लेकर आंदोलनरत है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 150 करोड़ से अधिक के मेडिकल बिल, नाइट अलाउंस और अन्य भत्तों का भुगतान शामिल है। इसके अलावा यूनियन अध्यक्ष मान सिंह के ट्रांसफर को रद्द करने की मांग भी इस विवाद का बड़ा कारण बनी है। मंगलवार को परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद यूनियन ने हड़ताल का अंतिम फैसला लिया।

नई भर्तियों और वैकल्पिक व्यवस्था का एलान

सरकार ने आम जनता को असुविधा से बचाने के लिए युद्धस्तर पर वैकल्पिक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। एचआरटीसी प्रबंधन ने 656 अस्थायी बस चालकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। इन पदों के लिए 24 जून को दोपहर 12 बजे से प्रदेश के सभी क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालयों में वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इन चालकों के पास कम से कम 3 वर्ष का अनुभव और मैट्रिक की शैक्षणिक योग्यता होनी अनिवार्य है। इसके साथ ही, बस संचालन सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल होम गार्ड्स के माध्यम से भी अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जा रहा है।

मंत्री की चेतावनी और स्थिति

परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हड़ताली कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि चक्का जाम से मांगों का हल नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा कि कुछ कर्मचारी नेताओं ने भाषा की मर्यादा खो दी है, जिससे सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी की करीब 2800 बसें हैं और निगम में 12,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। निजी बस ऑपरेटर संघ ने भी इस स्थिति में अतिरिक्त बस सेवाएं मुहैया कराने का भरोसा दिया है। सरकार ने 6 महीने के लिए ESMA लागू कर सभी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!