हिमाचल प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस के दो बार विधायक रहे पूर्व उपाध्यक्ष नीरज भारती के बीच चल रही शब्दों की जंग अब व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच गई है। दो बार के विधायक रहे नीरज भारती को पार्टी से छह साल के लिए बाहर कर दिया गया है। इसके बावजूद उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में सीधे मुख्यमंत्री को निशाने पर लिया और यह टकराव बीते चार दिनों से जारी है।
रविवार को विवाद ने लिया नया मोड़
रविवार को यह विवाद और गहरा गया, जब मुख्यमंत्री सुक्खू ने नीरज भारती को 'नशेड़ी' कह दिया। इस टिप्पणी पर भारती की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। दरअसल, कांगड़ा के ज्वाली से दो बार विधायक रहे और सुक्खू मंत्रिमंडल में शामिल मंत्री चंद्र कुमार के बेटे नीरज भारती ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए पार्टी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद उन्होंने लगातार करीब 50 से अधिक पोस्ट करके सरकार और संगठन पर सवाल उठाए। सबसे खास बात यह रही कि भारती ने सीधे मुख्यमंत्री को घेरते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। शनिवार को जब इसी मसले पर मुख्यमंत्री से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि नीरज भारती कोई बड़ा मुद्दा नहीं हैं और इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा। इस पर भारती ने पलटवार करते हुए कहा कि भले ही वे बड़ा मुद्दा न हों, लेकिन 2027 का विधानसभा चुनाव जरूर बड़ा मुद्दा है।
फेसबुक अकाउंट को लेकर आरोप
लगातार मुख्यमंत्री को निशाने पर लेने के बीच नीरज भारती का फेसबुक अकाउंट गायब हो गया। बाद में उन्होंने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने उनका अकाउंट बंद करवा दिया। रविवार को सचिवालय में जब मीडिया ने दोबारा सवाल पूछा तो मुख्यमंत्री ने सिर्फ इतना कहा, ''नशेड़ी की बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए'' और इसके बाद वहां से चले गए।
नीरज भारती का जवाबी हमला
इस पर नीरज भारती ने एक बार फिर वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने खुद मुख्यमंत्री सुक्खू को विधानसभा के भीतर 'पत्ताछाप खैनी' रगड़ते और खाते हुए देखा है। भारती ने कहा कि वे अपने बेटे को घुमाने गए थे, ऐसे में अगर वे रात को वीडियो बनाते तो मुख्यमंत्री कह देते कि वे नशे की हालत में वीडियो बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुक्खू हिमाचल की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठे हैं, फिर भी हैरानी की बात है कि उनकी 'टुच्चों वाली' हरकतें खत्म नहीं हुई हैं।
भारती ने यह भी कहा कि वे कभी शराब पिया करते थे और मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी उनके साथ पैग लगाए हैं। उन्होंने बताया कि जब बाली मंत्री थे, तब विधानसभा सत्र के दौरान वे डिनर देते थे और उसी मौके पर सुक्खू के साथ पैग लगाए गए। भारती ने कहा कि वे सिगरेट भी पीते थे और इसके लिए विधानसभा के पास कोना तलाशते थे। उन्होंने दोहराया कि उन्होंने सुक्खू को विधानसभा के भीतर खैनी खाते देखा। भारती ने स्वीकार किया कि वे कभी शराब पीते थे, लेकिन अब उन्होंने सब कुछ छोड़ दिया है।
खैनी से पेट की दिक्कत का दावा
नीरज भारती ने दावा किया कि जब सुक्खू विधानसभा के अंदर खैनी खाते थे, तो थूकने के लिए बाहर नहीं जा पाते थे और उसे अंदर ही निगल लेते थे, जिसकी वजह से उन्हें पेट की दिक्कत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री को शराब पीने से सख्त मना किया है। भारती ने सुक्खू को डोप टेस्ट की चुनौती देते हुए कहा कि वे चंडीगढ़ आकर डोप टेस्ट कराएं। उन्होंने तंज कसा कि हिमाचल में डोप टेस्ट इसलिए नहीं कराना है, क्योंकि वहां पूरा तंत्र मुख्यमंत्री के हाथ में है।
मंत्री पिता की दो टूक
गौरतलब है कि नीरज भारती के पिता चंद्र कुमार सुक्खू मंत्रिमंडल में मंत्री हैं। उन्होंने बेटे के इन हमलों पर बयान देते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी और सरकार से जुड़े किसी भी मुद्दे को सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर उठाना उचित नहीं है। प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक संगठन है, जहां हर नेता और कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए पार्टी के तय मंच मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता को सरकार की कार्यप्रणाली या संगठन के किसी फैसले पर आपत्ति है, तो उसे मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के समक्ष रखना चाहिए। चंद्र कुमार ने दो टूक कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया या मीडिया के जरिये अपनी ही सरकार और संगठन पर सवाल उठाना स्वस्थ राजनीतिक परंपरा नहीं मानी जा सकती। उन्होंने जोड़ा कि विपक्ष का सरकार की आलोचना करना स्वाभाविक है, लेकिन अपनी ही सरकार के खिलाफ सार्वजनिक मंचों पर बयान देना उचित नहीं ठहराया जा सकता।
कहां से शुरू हुई तकरार
दरअसल, नीरज भारती अक्सर सरकार पर हमलावर रहते थे और कहते थे कि अपनी ही सरकार में उनके कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने पहले उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया और फिर सीधे मुख्यमंत्री को निशाना बनाया। भारती ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू दो अटैची खुद रखते हैं और तीन दिल्ली भेजते हैं, साथ ही ठेकेदारों की पेमेंट भी पैसे लेकर हो रही है। उन्होंने सरकार पर कई आरोप मढ़े और कहा कि दो ही 'सुख' ऐसे हैं, जिन्होंने हिमाचल का बेड़ा गर्क कर दिया।
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