ओमान तट पर तेल टैंकर पर हमला: 24 भारतीय क्रू में से 3 अब भी लापता, पिता ने बेटे आदित्य को बचाने की लगाई गुहार राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 2
ओमान तट के पास तेल टैंकर 'सेटोबेलो' पर हुए हमले के बाद 24 भारतीय क्रू में से 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन आदित्य शर्मा समेत 3 भारतीय अब भी लापता हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारतीय दूतावास ओमान प्रशासन के संपर्क में है और सर्च ऑपरेशन जारी है।

ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए हमले ने समुद्री सुरक्षा और बढ़ते वैश्विक तनाव को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पलाऊ देश के झंडे वाले तेल टैंकर 'सेटोबेलो' पर मौजूद 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन आदित्य शर्मा समेत तीन भारतीय अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस घटना ने उन परिवारों को सबसे ज्यादा झकझोर दिया है, जिनके सदस्य अब तक नहीं लौटे हैं।

अमेरिकी कार्रवाई, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव और समुद्री नाकेबंदी जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबरों के बीच कुछ ऐसे चेहरे भी हैं जो अपने बेटों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से एक हैं आदित्य शर्मा के पिता राजेश शर्मा, जिनका बेटा उसी जहाज पर सवार था जिस पर ओमान तट के पास हमला हुआ।

सोशल मीडिया पर पिता की भावुक अपील

राजेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उनका बेटा केवल नौकरी करने गया था, लेकिन अब उसका कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने भारत सरकार, भारतीय नौसेना और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने शिपिंग कंपनी का वह संदेश भी साझा किया जिसमें बताया गया था कि तीन भारतीय अब भी लापता हैं।

पिता का कहना है कि उनका परिवार हर फोन कॉल पर उम्मीद लगाए बैठा है और हर बीतता घंटा चिंता को और बढ़ा रहा है। उन्होंने मांग की है कि बेटे को हर हाल में ढूंढा जाए, क्योंकि पूरा परिवार डर और अनिश्चितता के बीच जी रहा है।

पिता ने लगाए शोषण के आरोप

राजेश शर्मा ने दावा किया है कि उनके बेटे ने अप्रैल में ही जहाज पर अपने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कथित शोषण की शिकायत की थी। उनके मुताबिक आदित्य इस जहाज को छोड़ना चाहता था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन गईं कि वह वहीं काम करता रहा। अब हमले के बाद उसके लापता होने की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।

ओमान तट के पास कैसे हुआ हमला?

जानकारी के अनुसार, पलाऊ देश के झंडे वाला केमिकल और ऑयल टैंकर 'सेटोबेलो' ओमान के सोहर पोर्ट से करीब 20 समुद्री मील दूर था, तभी जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और हमले जैसी स्थिति बन गई। UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने इस घटना की पुष्टि की है।

ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी Vanguard के अनुसार, ओमान नेवी ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। शुरुआती जानकारी में इस घटना को अमेरिकी कार्रवाई और होर्मुज क्षेत्र में जारी समुद्री प्रतिबंधों से जोड़कर देखा जा रहा है।

हमले के बाद जहाज पर मौजूद भारतीय क्रू में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों को समुद्र में कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी। ओमानी सैन्य बलों ने तेजी से अभियान चलाते हुए 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन आदित्य शर्मा समेत तीन क्रू सदस्य अब भी लापता हैं।

विदेश मंत्रालय ने की हमले की निंदा

विदेश मंत्रालय ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि भारत इस हमले की निंदा करता है। मंत्रालय के अनुसार, ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और स्थानीय प्रशासन एवं रेस्क्यू एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में ओमानी प्रशासन के साथ सक्रिय समन्वय किया जा रहा है। भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और लापता भारतीयों को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास जारी हैं।

होर्मुज में बढ़ते तनाव ने बढ़ाई चिंता

दरअसल अप्रैल के बाद से अमेरिका ने ईरान से जुड़े समुद्री मार्गों पर निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। CENTCOM के मुताबिक कई जहाजों को रोका गया और कुछ को दिशा बदलने पर मजबूर किया गया।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यहां बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा दोनों पर पड़ रहा है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी बहस तेज हो गई है। बड़ी संख्या में भारतीय समुद्री कर्मचारी अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर काम करते हैं, ऐसे में युद्ध और तनाव वाले इलाकों में उनकी सुरक्षा के लिए सख्त नियमों और निगरानी की मांग उठ रही है।

Forward Seamen's Union of India ने भी पहले इस मुद्दे को उठाया था और भारतीय अधिकारियों से हस्तक्षेप की अपील की थी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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