राष्ट्रीय राजनीति
4 दिन पहले
11
विचारों
महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों के दिल्ली में डेरा डालने और अलग गुट बनाने की चर्चाओं के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिन नेताओं ने ‘मातोश्री’ पर साईंबाबा, मां भवानी और बाला साहेब के नाम की कसमें खाई थीं, वे अब 50 करोड़ रुपये के ऑफर के लालच में पार्टी से विश्वासघात करने पर उतारू हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राज्य की सियासत में उठापटक का नया दौर शुरू हो चुका है। पार्टी के कुछ सांसदों के अलग राह पकड़ने की खबरों ने हलचल मचा दी है। इसी सियासी हलचल के बीच राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बागी सांसदों के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए और दो टूक कहा कि ये नेता विचारधारा के नाम पर नहीं, बल्कि पैसों के लालच में पार्टी छोड़ रहे हैं।
कसमों की याद और भरोसे का टूटना
राउत ने भावुक अंदाज में उन क्षणों को याद किया, जब पार्टी के सांसद ‘मातोश्री’ पर एकजुट रहने का भरोसा दिला रहे थे। उन्होंने बताया कि एक सांसद ने तो हद ही कर दी और तीन मिनट के भीतर चार बार साईंबाबा की शपथ ली। उस सांसद ने अपनी बीमार पत्नी की कसम खाई, मां भवानी को साक्षी माना और बाला साहेब ठाकरे के नाम पर शपथ ली कि वह आखिरी सांस तक ठाकरे परिवार के साथ खड़ा रहेगा।
राउत के मुताबिक आज वही नेता अपनी सारी कसमें भुलाकर पार्टी को धोखा देने की तैयारी में जुटे हैं।
50 करोड़ के ऑफर का दावा
राउत ने दावा किया कि उन्हें पुख्ता जानकारी मिली है कि इन सांसदों को पैसों के बल पर खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे एक बेहद भरोसेमंद व्यक्ति ने बताया कि महाराष्ट्र के सांसदों को 50-50 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया है। सौदा पक्का होने के बाद ही ये लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं। ये उद्धव ठाकरे के नाम और ‘मशाल’ चुनाव चिह्न पर जीतकर आए थे, लेकिन अब इन्होंने अपना जमीर बेच दिया है।”
उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि राजनीति का स्तर इतना नीचे गिर जाएगा, यह उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था।
बागियों को इस्तीफे की चुनौती
राउत ने बागी सांसदों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें पार्टी से इतनी नाराजगी है या उनकी विचारधारा बदल गई है, तो पहले अपनी सांसद की कुर्सी छोड़ें। उन्होंने कहा, “आप हमारी मेहनत, पार्टी के नाम और उद्धव ठाकरे के चेहरे पर जीतकर आए हैं। अगर हिम्मत है तो इस्तीफा दें और जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ें। पार्टी की ताकत पर चुनकर आने के बाद गद्दारी करना कायरता है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुरानी कहानी दोहराने की कोशिश की गई, तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसैनिक इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। राउत ने साफ कर दिया कि पार्टी किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है और जो गद्दारी कर रहे हैं, उन्हें इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।
Comments
0 comment