बिहार में शिक्षा की नई क्रांति: 211 नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू, घर के पास ही पढ़ सकेंगे छात्र बिहार एक महीने पहले 69
बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं को बड़ी राहत देते हुए 211 नए डिग्री कॉलेजों का शैक्षणिक सत्र आरंभ किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए सहयोग कार्यक्रम की सफलता के आंकड़े भी साझा किए।

राज्य के शिक्षा तंत्र में बड़ा विस्तार

बिहार में उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य भर में स्थापित 211 नए डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया। इस योजना के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए अपने घरों से दूर न जाना पड़े।

शिक्षा के क्षेत्र में आएंगे ये सकारात्मक बदलाव

सरकार की इस नई पहल से शिक्षा की तस्वीर बदलने की उम्मीद है, जिसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • ग्रामीण अंचलों में शैक्षणिक वातावरण अधिक सुदृढ़ और बेहतर होगा।
  • विद्यार्थियों को अब उच्च शिक्षा के लिए शहरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता नहीं होगी, वे अपने गांव के नजदीक ही शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
  • इस विस्तार के बाद राज्य के हर प्रखंड स्तर तक उच्च शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित की जाएगी।
  • युवाओं को शिक्षा प्राप्ति के लिए आने वाली भौगोलिक बाधाओं और परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।

सरकारी कामकाज में बढ़ी जवाबदेही

भागलपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा के साथ-साथ राज्य सरकार के सहयोग कार्यक्रम पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्ती बरतते हुए महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम के जरिए आम नागरिकों के आवेदनों को समयबद्ध तरीके से निपटाने की कोशिश की गई है। अधिकारियों की कार्यशैली में अनुशासन लाने के लिए सरकार ने नोटिस प्रक्रिया अपनाई है:

  • पहला नोटिस: आवेदन जमा होने के 11वें दिन तक यदि काम पूरा नहीं होता, तो संबंधित अधिकारियों को पहला नोटिस जारी किया जाता है। इस प्रक्रिया में साढ़े 11 हजार (11,500) अधिकारियों को नोटिस मिला।
  • दूसरा नोटिस: जैसे ही 21वां दिन आया, प्रशासनिक अमले में सक्रियता बढ़ी और दूसरे नोटिस पाने वाले अधिकारियों की संख्या घटकर मात्र 350 रह गई।
  • तीसरा नोटिस: 30वें दिन तक स्थिति यह रही कि पूरे बिहार में केवल 4 ऐसे अधिकारी या कर्मचारी ही बचे, जिन्होंने तीसरा नोटिस प्राप्त करने की स्थिति उत्पन्न होने दी।

पिछले 30 दिनों के भीतर सहयोग कार्यक्रम के तहत राज्य को कुल 6 लाख आवेदन मिले, जिनमें से सरकार ने तेजी दिखाते हुए 5.50 लाख आवेदनों का निस्तारण कर दिया है। इसके अतिरिक्त, जो 7,000 लोग अपनी शिकायतें लेकर आए थे, उनके आवेदनों पर भी उचित कार्रवाई की जा रही है। पटना के सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री ने स्वयं 129 में से 100 आवेदकों से बातचीत की और उनकी शिकायतों का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित किया।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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