वैभव सूर्यवंशी के दादा लगाते हैं 'सिंह', तो क्रिकेटर ने क्यों चुना 'सूर्यवंशी' सरनेम? बाबा ने बताई असली वजह बिहार एक महीने पहले 26
समस्तीपुर के क्रिकेट सितारे वैभव सूर्यवंशी के दादा और पूर्वज नाम के साथ 'सिंह' लगाते रहे हैं, लेकिन वैभव, उनके पिता और बाकी भाई 'सूर्यवंशी' लिखते हैं। दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने इस बदलाव के पीछे की पूरी कहानी साझा की।

समस्तीपुर के ताजपुर नगर परिषद के मोतीपुर निवासी वैभव सूर्यवंशी की बढ़ती लोकप्रियता के साथ ही एक सवाल हमेशा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा है। वह यह कि जब उनके दादा और बाकी पूर्वज अपने नाम के साथ 'सिंह' जोड़ते हैं, तो आखिर वैभव अपने नाम के आगे 'सूर्यवंशी' क्यों लिखते हैं। इसी पहेली का जवाब तलाशने के लिए जब परिवार से बातचीत हुई, तो इस नाम के पीछे छिपी पूरी कहानी सामने आई।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि नई पीढ़ी ने अपनी अलग पहचान और अपने वंश की पहचान को मजबूती देने के मकसद से सोच-समझकर यह कदम उठाया।

दादा ने बताई परिवार की पुरानी परंपरा

वैभव के दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने बातचीत में बताया कि पहले परिवार के सभी लोग अपने नाम के साथ 'सिंह' लगाया करते थे। उन्होंने कहा कि उनका परिवार राजपूत समाज से ताल्लुक रखता है, जहां वर्षों से 'सिंह' और 'ठाकुर' टाइटल लगाने की परंपरा चली आ रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि उनके बड़े भाई, परिवार के दूसरे सदस्य और खुद वह आज भी अपने नाम के साथ 'सिंह' ही लगाते हैं। हालांकि वक्त बदलने के साथ परिवार के बच्चों को लगा कि उन्हें अपने वंश की विशिष्ट पहचान को सामने लाना चाहिए। इसी सोच के साथ नई पीढ़ी ने 'सूर्यवंशी' शब्द को अपने नाम से जोड़ना शुरू किया, जो धीरे-धीरे परिवार की नई पहचान बनता चला गया।

सूर्यवंशी सिर्फ सरनेम नहीं, गौरव की पहचान

उपेंद्र प्रसाद सिंह के मुताबिक, 'सूर्यवंशी' शब्द का संबंध राजपूत समाज के उस प्रमुख वंश से है, जिसकी पहचान भगवान सूर्य से जुड़ी मानी जाती है। भारतीय इतिहास और परंपराओं में सूर्यवंशी वंश को बेहद सम्मानजनक माना गया है। मान्यता है कि भगवान राम भी इसी वंश से संबंध रखते थे।

परिवार का कहना है कि आज की पीढ़ी केवल एक नाम नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, परंपराओं और वंश की पहचान को आगे ले जाना चाहती है।

पिता ने की 'सूर्यवंशी' की शुरुआत

दादा ने बताया कि उनके बड़े भाई और वैभव के अपने दादा स्वर्गीय उमेश प्रसाद सिंह भी सरनेम में 'सिंह' लगाते रहे, लेकिन वैभव के पिता संजीव ने अपने नाम के साथ 'सूर्यवंशी' लिखने की शुरुआत की और उनके बाकी सभी भाई भी 'सूर्यवंशी' ही लगाते हैं। यही वजह है कि आईपीएल में अपनी अलग पहचान बना रहे वैभव ने भी अपने नाम के साथ 'सिंह' की जगह 'सूर्यवंशी' को चुना।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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