चोरी कबूली, रकम भी लौटाई, फिर भी मिली सजा; समस्तीपुर में पंचायत के फैसले पर भड़के लोग बिहार 3 महीने पहले 49
समस्तीपुर के बढ़ौना गांव में चोरी के आरोपी किशोर को पंचायत के आदेश पर पिता के हाथों पिटवाने और 100 बार उठक-बैठक कराने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र स्थित बढ़ौना गांव में पंचायत के एक फैसले का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में एक किशोर को चोरी के आरोप में पंचायत के सामने सजा दिए जाते हुए देखा जा सकता है। मामले को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, गांव के एक किशोर पर पड़ोस में रहने वाली एक महिला के घर से 2500 रुपये चुराने का आरोप लगा था। बताया जा रहा है कि महिला ने किशोर को पकड़ लिया, जिसके बाद इस मामले को सुलझाने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत के सामने दोनों पक्षों की बात सुनी गई और किशोर से पूछताछ की गई।

किशोर ने गलती मानी और पैसे लौटाए

ग्रामीणों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान किशोर ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और चोरी किए गए रुपये भी वापस लौटा दिए। इसके बावजूद पंचायत ने उसे दंडित करने का निर्णय लिया। पंचायत का सबसे चर्चित फैसला यह रहा कि किशोर को किसी अन्य ग्रामीण के बजाय उसके अपने पिता के हाथों ही सजा दिलाई जाए।

पिता के हाथों पिटाई, 100 बार उठक-बैठक

पंचायत के आदेश पर किशोर के पिता को बेटे की पिटाई करने के लिए कहा गया। इसके बाद पिता ने वहां मौजूद लोगों के सामने अपने बेटे को डंडे से पीटा। इतना ही नहीं, किशोर से 100 बार उठक-बैठक भी कराई गई। इसी दौरान कुछ लोगों ने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया।

वीडियो वायरल होने के बाद मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पंचायत के इस फैसले पर लोगों की अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे अनुशासन बनाए रखने का तरीका बता रहे हैं, वहीं कई लोग इसे एक नाबालिग को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने वाला कदम मान रहे हैं।

उठ रहे हैं कई सवाल

इस घटना ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब किशोर अपनी गलती मान चुका था और पैसे भी लौटा चुका था, तो उसे समझाने, परामर्श देने और सुधार का मौका देने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता था। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की गलतियां सुधारने के लिए सकारात्मक मार्गदर्शन अधिक कारगर साबित होता है, क्योंकि सार्वजनिक अपमान और भय का उनके मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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