सहारनपुर में अब घर-घर पहुंचेगी PNG गैस, सिलेंडर की कतार से मिलेगी मुक्ति उत्तर प्रदेश 2 घंटे पहले 3
भारत पेट्रोलियम सहारनपुर में पाइपलाइन के जरिए हर घर तक प्राकृतिक गैस (PNG) पहुंचा रहा है, जो एलपीजी से सस्ती और सुरक्षित बताई जा रही है। शहर में करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और 15 जून तक आवेदन करने पर कनेक्शन निशुल्क मिलेगा।

गैस सिलेंडर के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने वाले शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। भारत पेट्रोलियम अब पीएनजी यानी प्राकृतिक गैस को पाइपलाइन के जरिए सीधे हर घर तक पहुंचा रहा है। यह व्यवस्था जहां सस्ती और सुरक्षित बताई जा रही है, वहीं इसके कनेक्शन भी मुफ्त में दिए जा रहे हैं।

एलपीजी संकट के बीच मिलेगी राहत

एलपीजी गैस को लेकर इस समय पूरी दुनिया में संकट के हालात बने हुए हैं। भारत में भी लोग सिलेंडर पाने के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े नजर आते हैं। कई जगहों पर स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि एक सिलेंडर 35 दिन बाद मिल पाता है। ऐसे में पाइपलाइन से घर पहुंचने वाली पीएनजी गैस शहरी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी सहूलियत साबित होगी।

सहारनपुर शहर में इस परियोजना का लगभग 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कई इलाकों में तो यह सेवा पिछले कई वर्षों से चालू भी है, जहां लोग बिना किसी झंझट के पाइपलाइन से गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं।

लोगों के मन में बने भ्रम की हकीकत

पीएनजी गैस को लेकर लोगों के मन में कई आशंकाएं रहती हैं। सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि जब एलपीजी की किल्लत हो रही है तो कहीं यह गैस भी खत्म न हो जाए। दरअसल ऐसी कोई आशंका नहीं है, क्योंकि यह पूरी तरह प्राकृतिक गैस है और इसका उत्पादन भारत में ही हो रहा है।

यह गैस एलपीजी की तुलना में हल्की होती है। अगर कभी रिसाव हो भी जाए तो यह आसानी से वायुमंडल में घुल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा लगभग नगण्य रह जाता है। इतना ही नहीं, यह एलपीजी गैस के मुकाबले 10 से 20 प्रतिशत तक सस्ती भी पड़ती है।

कनेक्शन से जुड़े फायदे

इस पूरी पहल का मकसद उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाना है, इसी वजह से भारत पेट्रोलियम पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस हर घर तक पहुंचा रहा है। यदि 15 जून तक किसी व्यक्ति के घर के बाहर से गैस की पाइपलाइन गुजर रही है, तो वह तुरंत आवेदन कर सकता है और उसे निशुल्क कनेक्शन दिया जाएगा। साथ ही गैस इस्तेमाल करने के दो महीने बाद ही उपभोक्ता को बिल चुकाना होगा।

एलपीजी से कहीं अधिक सुरक्षित

भारत पेट्रोलियम से जुड़े विशाल पालीवाल बताते हैं कि घरों में एलपीजी की जगह इस्तेमाल हो रही प्राकृतिक गैस कहीं अधिक सुरक्षित है। यह एलपीजी के मुकाबले हल्की होती है। इसमें सिलेंडर को उठाकर रखने का झंझट नहीं रहता, बल्कि यह पानी की टंकी की तरह सीधे पाइपलाइन से जुड़ी रहती है और वॉल्व खोलते ही गैस की आपूर्ति शुरू हो जाती है।

आवेदन की प्रक्रिया

कनेक्शन के लिए उपभोक्ता हेलो बीपीसीएल ऐप या हेलो bpcl.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। किसी भी तरह की समस्या होने पर इसी माध्यम से शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा घर के बाहर लगे बोर्ड पर दिए गए टोल फ्री नंबर पर शिकायत की जा सकती है या फिर संबंधित कार्यालय में जाकर भी अपनी समस्या बताई जा सकती है।

यह गैस भारत में प्रचुर मात्रा में मौजूद है और अब तक न तो इसकी कमी हुई है और न ही इसके खत्म होने जैसी कोई स्थिति बनी है। चूंकि इसका उत्पादन देश में ही हो रहा है, इसलिए भविष्य में भी इसके खत्म होने की संभावना नहीं है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!