₹35 की चाट और 62 साल पुराना अनोखा जायका, रोज सिर्फ 4 घंटे खुलती है यह दुकान, अब पिता का सीक्रेट परोस रहा बेटा मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
सागर की शेर सिंह चाट दुकान पिछले 62 साल से सीक्रेट मसाले के बेमिसाल स्वाद के लिए जानी जाती है। यह दुकान रोजाना दोपहर 2 बजे खुलती है और शाम अधिकतम 6 बजे तक बंद हो जाती है।

बुंदेलखंड का सागर शहर सिर्फ अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक घटनाओं के लिए ही नहीं, बल्कि अपने खानपान के लिए भी दूर-दूर तक पहचाना जाता है। चिरौंजी की बर्फी हो या गुजराती नमकीन, बनारसी पान हो या चौबे की दाल रोटी—इन व्यंजनों का स्वाद कई दशकों से यहां के लोगों के सिर चढ़कर बोलता आया है। ऐसी ही एक मशहूर जगह है शेर सिंह की चाट दुकान, जो बीते 62 साल से अपने सीक्रेट मसाले से बने लाजवाब स्वाद के लिए प्रसिद्ध है।

यहां की समोसा चाट और आलू टिक्की का स्वाद लेने के लिए शहर के कोने-कोने से लोग पहुंचते हैं। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह दुकान रोजाना दोपहर 2 बजे खुलती है और शाम को अधिकतम 6 बजे तक बंद हो जाती है। संचालक जितना भी सामान लेकर आते हैं, वह महज चार-पांच घंटे में ही खत्म हो जाता है।

बड़ी-बड़ी हस्तियां ले चुकी हैं स्वाद

इस समोसा चाट दुकान की शोहरत का अंदाजा इस बात से भी लगता है कि दुकान खुलते ही ग्राहकों की भीड़ जुटने लगती है। मंत्री, विधायक, कलेक्टर और एसपी से लेकर तमाम नेता, अधिकारी और कलाकार तक यहां की स्वादिष्ट चाट का जायका चख चुके हैं। खास बात यह है कि संचालक क्वालिटी के साथ कभी समझौता नहीं करते और हर ग्राहक को हमेशा एक जैसा स्वाद व गुणवत्ता परोसते हैं।

पिता दे गए स्वाद का सीक्रेट फार्मूला

दुकान संचालक दिनेश बिष्ट बताते हैं कि उनके पिता ने 1964 में इसकी शुरुआत की थी। पहले यहां मशहूर पारस टॉकीज हुआ करती थी, जो कई साल पहले बंद हो चुकी है, लेकिन उनकी दुकान आज भी उसी जगह चल रही है। दिनेश कहते हैं कि उनके पिता शेर सिंह ग्राहकों को जो स्वाद देते थे, वही सीक्रेट फार्मूला वे परिवार को सिखा गए और आज भी पूरा परिवार उसी पर कायम है।

सुबह 6 बजे से शुरू हो जाती है तैयारी

दिनेश आगे बताते हैं कि उनका परिवार पूरे 12 महीने सुबह 6 बजे उठकर दुकान की तैयारी में जुट जाता है। दोपहर 12 से 1 बजे तक सारे आइटम घर पर ही तैयार किए जाते हैं और उनमें सीक्रेट मसाले मिलाए जाते हैं। इसके बाद सामान दुकान पर लाया जाता है और 2 बजे से बिक्री शुरू हो जाती है, जहां लोगों को चटपटी और स्वादिष्ट चाट मिलने लगती है।

₹1 से शुरू हुआ था सफर, अब बढ़े कई आइटम

संचालक दिनेश बिष्ट के अनुसार, 62 साल पहले उनके पिता मात्र ₹1 में मसालेदार समोसा चाट बनाकर बेचते थे। धीरे-धीरे यहां आइटम बढ़ते गए और अब आलू टिक्की, गोलगप्पे और आलू बंडा भी मिलने लगे हैं। इनमें समोसा चाट और मसालेदार आलू टिक्की सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं। सराफा बाजार में चाट की कई दुकानें होने के बावजूद पूरे शहर से लोग इसी स्वाद की तलाश में यहां तक खिंचे चले आते हैं।

दुकान पर अभी ये हैं दाम

यहां आलू चाप और समोसा मिक्स चाट 35 रुपए में बनती है। सिंगल मसाला आलू टिक्की ₹20 में, सिंगल आलू समोसा मसाला चाट 20 रुपये में और आलू बड़ा चाट ₹20 में मिलती है। फुलकी 10 रुपए में चार दी जाती हैं, जबकि कोई भी डबल आइटम मसाला बनवाने पर 35 रुपए लगते हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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