मध्य प्रदेश में बढ़ा बस का किराया: सागर से भोपाल के लिए देने होंगे ₹386, इंदौर का सफर हुआ महंगा मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
मध्य प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा बस किराए में प्रति किलोमीटर 75 पैसे की वृद्धि की गई है, जिससे राज्य भर के यात्रियों पर वित्तीय बोझ बढ़ गया है। सागर से विभिन्न प्रमुख शहरों के लिए नई किराया सूची जारी कर दी गई है।

बस यात्रियों की जेब पर बढ़ेगा बोझ

मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के परिवहन विभाग ने यात्री बसों के किराए में 75 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव का सीधा असर सागर जिले में भी देखने को मिल रहा है, जहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री बसों के माध्यम से अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। सागर जिले से रोजाना लगभग 430 यात्री बसें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, दिल्ली, नागपुर और छतरपुर जैसे प्रमुख शहरों के लिए संचालित होती हैं। इसके अतिरिक्त, जिले के भीतर विभिन्न स्थानीय रूटों पर भी बसों का संचालन किया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक, सागर से प्रतिदिन लगभग 30,000 यात्री सफर करते हैं, जिन्हें अब अपनी यात्रा के लिए पहले से अधिक किराया चुकाना होगा।

सागर से विभिन्न शहरों के लिए नया किराया

परिवहन विभाग द्वारा जारी की गई नई किराया सूची के अनुसार, अलग-अलग रूटों पर यात्रा का खर्च बढ़ गया है। सागर से गुजरने वाले प्रमुख मार्गों के नए किराए की स्थिति कुछ इस प्रकार है:

  • नरसिंहपुर मार्ग: सागर से 28 किलोमीटर दूर सुरखी का किराया 55 रुपए, गौरझामर का 95 रुपए, देवरी का 130 रुपए, महराजपुर का 155 रुपए, बरमान का 210 रुपए, करेली का 242 रुपए और नरसिंहपुर का किराया 274 रुपए निर्धारित किया गया है।
  • भोपाल और इंदौर मार्ग: सागर से राहतगढ़ का किराया 80 रुपए, बेगमगंज का 135 रुपए, गैरतगंज का 185 रुपए, रायसेन का 300 रुपए, भोपाल का 386 रुपए, सीहोर का 468 रुपए और इंदौर का किराया 780 रुपए हो गया है।
  • नागपुर मार्ग: बरकोटी का किराया 78 रुपए, तीतर पानी का 164 रुपए, अमरवाड़ा का 448 रुपए, छिंदवाड़ा का 532 रुपए और नागपुर का किराया 790 रुपए पहुंच गया है।
  • जबलपुर मार्ग: सनोदा का किराया 38 रुपए, गढ़ाकोटा का 94 रुपए, समूह का 144 रुपए, नोहटा का 200 रुपए, जबेरा का 238 रुपए, कटंगी का 292 रुपए और जबलपुर का किराया 370 रुपए हो गया है।
  • अन्य प्रमुख गंतव्य: टीकमगढ़ का किराया 164 रुपए, रीवा का 716 रुपए, सतना का 612 रुपए, पन्ना का 438 रुपए, छतरपुर का 340 रुपए और खजुराहो का किराया 450 रुपए हो गया है।

स्थानीय रूटों पर भी असर

सागर के आसपास के छोटे कस्बों और क्षेत्रों में जाने वाली बसों के किराए में भी संशोधन किया गया है। इसके तहत बांडा का किराया 64 रुपए, शाहगढ़ का 120 रुपए, हीरापुर का 150 रुपए, खुरई का 100 रुपए, बीना का 150 रुपए, जैसीनगर का 80 रुपए और रहली का किराया 90 रुपए तय किया गया है।

क्यों बढ़ा किराया

यात्री बसों के किराए में इस वृद्धि से पहले बस ओनर्स एसोसिएशन ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखी थीं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि यदि 7 अगस्त तक किराया नहीं बढ़ाया गया, तो पूरे प्रदेश में बस संचालक हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दबाव और परिवहन विभाग की समीक्षा के बाद, हड़ताल की प्रस्तावित तिथि से ठीक 2 दिन पहले राजपत्र जारी कर किराए में बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा कर दी गई। यात्रियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में यात्रा के किराए में अचानक हुई यह वृद्धि उनके मासिक बजट को प्रभावित करेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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