जेल में रची गई बैंक डकैती की पटकथा: बर्खास्त पुलिसकर्मी बना मास्टरमाइंड, बाहर आते ही दिया करोड़ों की लूट को अंजाम महाराष्ट्र एक घंटा पहले 7
महाराष्ट्र के जलगांव में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में हुई डकैती का खुलासा हुआ है, जिसमें जेल में मिले अपराधियों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में बर्खास्त सब-इंस्पेक्टर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

महाराष्ट्र में जेल से शुरू हुई बैंक लूट की साजिश

महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की भोकर शाखा में हुई बड़ी डकैती के तार जेल की काल कोठरियों से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात स्पष्ट हुई है कि इस वारदात की पूरी योजना जेल के अंदर ही तैयार की गई थी। जेल में बंद रहने के दौरान अपराधियों के बीच हुई जान-पहचान और आपराधिक गठजोड़ का ही यह परिणाम था कि जमानत पर बाहर आते ही इन लोगों ने बैंक को अपना निशाना बना लिया। इस पूरे मामले का मुख्य मास्टरमाइंड एक बर्खास्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर शंकर जसक बताया जा रहा है। पुलिस ने उसके अलावा गजानन राजेंद्र पवार और अन्य साथियों समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

3 करोड़ 17 लाख रुपये की डकैती का मामला

पुलिस पड़ताल के अनुसार, शंकर जसक पर पहले से ही आपराधिक आरोप लगे थे। वर्ष 2023 में उस पर जलगांव शहर के शनिपेठ पुलिस स्टेशन क्षेत्र में स्थित स्टेट बैंक से 3 करोड़ 17 लाख रुपये लूटने का आरोप दर्ज था, जिसके चलते वह जेल की सलाखों के पीछे था। इसी दौरान जेल में उसकी मुलाकात गजानन राजेंद्र पवार से हुई। गजानन पवार खुद भी एक गंभीर मामले में जेल में बंद था, जिस पर वर्ष 2024 में चालीसगांव इलाके में अपनी प्रेमिका के पति की हत्या करने का आरोप था। जेल में दोनों अपराधियों ने साथ समय बिताया और जमानत मिलने के बाद बाहर निकलते ही भोकर स्थित बैंक में डकैती डालने की योजना बना डाली।

बंदूक की नोक पर 16 लॉकर खुलवाए

जांच में पता चला है कि इस डकैती को अंजाम देने के लिए कुल चार मुख्य आरोपियों के अलावा दो और लोगों की मदद ली गई थी। योजना के अनुसार, ये सभी आरोपी भोकर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में दाखिल हुए। बैंक के अंदर घुसते ही इन्होंने बैंक मैनेजर और कैशियर को पिस्तौल दिखाकर डराना शुरू कर दिया। अपराधियों ने उनके सिर पर बंदूकें तान दीं और जबरन 16 बैंक लॉकर खुलवा लिए। लूट की इस बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद उन्होंने वहां मौजूद सोने के गहनों और नकदी को पांच से छह बड़े बैगों में भर लिया और तुरंत वहां से फरार हो गए।

40 से 45 मिनट तक बैंक में चला खौफ का मंजर

पुलिस सूत्रों की मानें तो ये अपराधी बैंक के भीतर करीब 40 से 45 मिनट तक मौजूद रहे। इस पूरी अवधि के दौरान बैंक के कर्मचारी और वहां मौजूद ग्राहक खौफ के साये में थे। वारदात को अंजाम देकर जब आरोपी धरणगांव की दिशा में भागने लगे, तब आसपास के ग्रामीणों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे जिले की पुलिस को तुरंत प्रभाव से अलर्ट मोड पर डाल दिया गया।

चावलखेड़ा के खेतों में छिपे थे अपराधी

भागने के दौरान आरोपियों ने चावलखेड़ा के पास सड़क किनारे चार बैग फेंक दिए थे। पुलिस इंस्पेक्टर उमाकांत गायकवाड़ अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों से आरोपियों की भागने की दिशा के बारे में जानकारी जुटाई गई और पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के दौरान चावलखेड़ा क्षेत्र के एक खेत में छिपकर बैठे शंकर जसक और गजानन पवार को पुलिस ने धर दबोचा।

15 लाख रुपये नकद और गहने बरामद

इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से 15 लाख रुपये की नकदी और सोने से भरे बैग बरामद किए हैं। हालांकि, बैंक से कुल कितनी नकदी और कितने मूल्य का सोना लूटा गया था, इसकी सटीक गणना अभी की जा रही है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी सटीक भूमिका क्या रही।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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