वेनेजुएला में चमत्कार, भूकंप के 8 दिन बाद मलबे में जिंदा मिला गार्ड विश्व 2 महीने पहले 84
वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप के आठ दिन बाद बचाव कर्मियों ने एक सिक्योरिटी गार्ड को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला है, जिसने पूरे देश में उम्मीद जगा दी है।

भूकंप की तबाही के बीच जीवन का चमत्कार

वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, लेकिन इस आपदा के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे लोग किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। भूकंप के आठ दिन बाद मलबे के नीचे दबे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस व्यक्ति का नाम हर्नान अल्बर्टो गिल फ्लोरेस है, जो एक सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे।

29 फीट नीचे दबे थे हर्नान

हर्नान अल्बर्टो गिल फ्लोरेस एक नौ मंजिला इमारत में तैनात थे, जो भूकंप की चपेट में आकर पूरी तरह ढह गई थी। मलबे के भारी ढेर के नीचे वह करीब 29 फीट की गहराई में फंस गए थे। उनकी स्थिति को देखते हुए यह अनुमान लगाना कठिन था कि कोई इतनी लंबी अवधि तक जीवित रह पाएगा, लेकिन उनकी इच्छाशक्ति और बचाव दलों की कड़ी मेहनत रंग लाई।

70 घंटे का कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन

हर्नान को बचाने का अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण था। इस रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए कुल छह देशों की बचाव टीमें जुटी हुई थीं। इन टीमों ने लगातार 70 घंटे तक अथक प्रयास किए और आखिरकार गार्ड को मलबे से सुरक्षित निकालने में सफलता प्राप्त की।

दो साल के मासूम को भी मिली नई जिंदगी

हर्नान का रेस्क्यू इस आपदा का एकमात्र सुखद पल नहीं है। इससे पहले बचाव दल ने दो साल के एक मासूम बच्चे क्लेइबर मोरान को भी मलबे से जीवित निकाला था। क्लेइबर भूकंप के छह दिन बाद सुरक्षित मिले थे। ये दोनों ही घटनाएं उस समय प्रकाश में आई हैं जब पूरा देश गहरे शोक में डूबा है।

भूकंप में अब तक इतना नुकसान

संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस विनाशकारी भूकंप के कारण अब तक 1,943 लोगों की जान जा चुकी है। इतने बड़े पैमाने पर हुई मौतों के बीच हर्नान और क्लेइबर का जीवित मिल जाना पूरे देश के लिए उम्मीद की एक नई किरण की तरह है, जो संकट की इस घड़ी में लोगों का हौसला बढ़ा रही है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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