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4 घंटे पहले
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जोहान्सबर्ग और केपटाउन में मातम
दक्षिण अफ्रीका के लिए रविवार का दिन बेहद दुखद और खौफनाक साबित हुआ। देश के दो बड़े शहरों, जोहान्सबर्ग और केपटाउन में हुई फायरिंग की दो अलग-अलग घटनाओं ने कुल 27 लोगों की जान ले ली है। इन वारदातों ने स्थानीय निवासियों के बीच डर पैदा कर दिया है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन इन हमलों की जड़ तक पहुंचने के लिए गहन जांच कर रहा है।
वेडेला में बार के बाहर नरसंहार
पहली भयावह घटना राजधानी जोहान्सबर्ग के बाहरी इलाके में स्थित एक टाउनशिप में हुई। पुलिस के अनुसार, वेस्ट रैंड जिले के वेडेला इलाके में एक शराबखाने के बाहर कुछ लोग शांति से बैठे थे, तभी अचानक हमलावरों ने उन पर धावा बोल दिया। यह हमला शनिवार की शाम करीब 7 बजकर 30 मिनट पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, इस हमले को 8 बंदूकधारियों ने अंजाम दिया, जिनके हाथों में पिस्तौल और घातक AK-47 राइफलें थीं।
हमलावरों ने वहां मौजूद ग्राहकों की तलाशी ली और उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए। इसके बाद वे अंधाधुंध फायरिंग करते हुए मौके से दो अज्ञात गाड़ियों में सवार होकर फरार हो गए। अपनी पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के लिए उन्होंने भागते समय दो गाड़ियों में आग भी लगा दी। इस हमले में 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य लोग घायल हो गए। फिलहाल पुलिस हमलावरों की सरगर्मी से तलाश कर रही है और विशेष जांच इकाइयों को मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि इस क्रूर हमले का मकसद स्पष्ट हो सके।
केपटाउन में दूसरी बड़ी वारदात
उसी दौरान, केपटाउन के पास स्थित एक टाउनशिप के मनोरंजन क्षेत्र में भी गोलीबारी हुई। रविवार की सुबह हुई इस घटना में 10 लोगों की जान चली गई और 11 लोग बुरी तरह घायल हो गए। हमलावरों ने अचानक भीड़ पर गोलियां बरसाईं, जिससे अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद 5 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अस्पताल ले जाए जाने के दौरान और इलाज के दौरान अन्य 5 लोगों की मौत हो गई।
गैंगवॉर और हिंसा का बढ़ता संकट
दक्षिण अफ्रीका में हथियारों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। देश में बड़ी संख्या में कानूनी और अवैध दोनों तरह की बंदूकें मौजूद हैं। यहां गैंगवॉर, गिरोहों की आपसी रंजिश और छोटे व्यवसायों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण गोलीबारी की घटनाएं बेहद आम हो गई हैं। लगभग 6.2 करोड़ की आबादी वाले इस देश में हत्या की दर दुनिया भर में सबसे अधिक है। आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां हर दिन औसतन 60 लोगों की हत्या कर दी जाती है, जो कानून-व्यवस्था की स्थिति को बयां करने के लिए काफी है। पुलिस अब इन दोनों मामलों के तार जोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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