भारत
2 घंटे पहले
6
विचारों
मौसम का हाल और 14 राज्यों में चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ 'अर्नब चक्रवात' भले ही अब कमजोर पड़ गया हो, लेकिन इसका असर भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े हिस्से पर अभी भी बरकरार है। देश के विभिन्न राज्यों में हो रही मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालांकि दिल्ली में हुई बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी हद तक राहत दी है, लेकिन दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। भारतीय मौसम विभाग ने कुल 14 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश में बरपा बारिश का कहर
उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों में पिछले करीब 60 घंटे से लगातार या रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से दुखद हादसों की खबरें आ रही हैं, जिनमें अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। राज्य के कुल 32 जिलों पर बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है, जबकि 63 जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
राजधानी लखनऊ में मूसलाधार बारिश ने ऐतिहासिक धरोहरों को भी नुकसान पहुंचाया है। पुराने शहर के हुसैनाबाद इलाके में स्थित एक ऐतिहासिक गेट का हिस्सा भरभरा कर गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां भीड़ कम थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इलाके को बैरिकेडिंग से घेर लिया है। लखनऊ के ही केकेसी इलाके में एक पेड़ चलती कार पर गिर गया, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसी तरह की एक घटना बरेली के बारादरी मॉडल टाउन में भी हुई, जहां एक महिला ने तत्परता दिखाते हुए अपनी जान बचाई। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गई है।
प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश की चेतावनी बरकरार है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले 24 घंटे के बाद स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है। नेपाल सीमा से सटे इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी बचाव दलों को पूरी तरह से अलर्ट रहने का आदेश दिया है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और तत्काल सहायता पहुंचाएं। लखनऊ में जिलाधिकारी और नगर आयुक्त ने स्वयं जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया है।
कानपुर से गोरखपुर तक जलमग्न सड़कें
लगातार हो रही बरसात के कारण कानपुर और गोरखपुर समेत कई बड़े शहरों में ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल होता दिखाई दे रहा है। गोरखपुर में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने सड़कों और बाजारों को तालाब बना दिया। कई रिहायशी इलाकों के घरों और दुकानों में बारिश का पानी घुस गया है। गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और लोगों को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।
उन्नाव जिले में गंगा एक्सप्रेसवे की स्थिति भी काफी खराब हो गई है। टोल गेट के निकट लगभग तीन फीट तक पानी जमा हो जाने से वाहनों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। बशीरतगंज के आसपास के रास्तों पर भी ट्रैफिक रेंग-रेंग कर चल रहा है। इस बीच, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पानी में डूबे गंगा एक्सप्रेसवे की तस्वीरें साझा करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
बिहार और छत्तीसगढ़ में बाढ़ की चुनौती
बिहार में भी भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। नेपाल के तराई इलाकों में जारी बारिश का सीधा असर बिहार की नदियों पर पड़ रहा है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में 17 संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की गई है। राज्य में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में भी पिछले पांच दिनों से जारी बारिश ने नदियां और नाले उफान पर ला दिए हैं। रायपुर में खारून नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी घुस गया है। रायपुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे पर जलभराव के कारण यातायात बाधित हो गया है। बस्तर क्षेत्र में इंद्रावती नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब है। एनडीआरएफ की सहायता से गांवों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और चारधाम यात्रा पर रोक
सिक्किम में क्लाउडबर्स्ट के बाद राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। रिंबी क्षेत्र से मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। यहां करीब 36 से 37 परिवार बेघर हो गए हैं। मैदानी इलाकों में बारिश ने जहां तबाही मचाई है, वहीं पहाड़ों पर मौसम ने करवट ले ली है। उत्तराखंड के चमोली जिले और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो चुकी है। हेमकुंड साहिब में तापमान काफी गिर गया है। केदारनाथ में भी भारी बारिश और ठंड के चलते हालात कठिन हो गए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे कूनोचारंग-छितकुल में सेब की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
Comments
0 comment