सिंगापुर ने भारतीय समुदाय के खिलाफ भड़काऊ ऑनलाइन मुहिम को किया नाकाम, चीनी प्लेटफॉर्म से जुड़ा है मामला विश्व एक महीने पहले 22
सिंगापुर सरकार ने भारतीय समुदाय को निशाना बनाने वाले भ्रामक और भड़काऊ सोशल मीडिया कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए यूट्यूब, फेसबुक और एक्स को 14 पोस्ट और वीडियो ब्लॉक करने का आदेश दिया है। यह कंटेंट पहले चीनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर दिखा और बाद में बड़े सोशल मीडिया मंचों पर फैलाया गया।

सिंगापुर सरकार ने अपने यहां रहने वाले भारतीय समुदाय को निशाना बनाने वाली भड़काऊ और गुमराह करने वाली सोशल मीडिया सामग्री पर सख्ती दिखाई है। ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े अपने कानून के तहत सरकार ने यूट्यूब, फेसबुक और एक्स को कुल 14 पोस्ट और वीडियो हटाने यानी ब्लॉक करने का आदेश दिया है। इन्हें देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने वाला माना गया। इस कार्रवाई के लिए सरकार ने अपने कड़े ऑनलाइन क्रिमिनल हार्म्स एक्ट का सहारा लिया।

वीडियो और तस्वीरों का गलत इस्तेमाल

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक इन पोस्ट्स में सिंगापुर में रह रहे भारतीयों को लेकर झूठे और भ्रामक दावे किए गए थे। कुछ वीडियो और पोस्ट में लिटिल इंडिया इलाके तथा हिंदू धार्मिक आयोजनों की चुनी हुई तस्वीरों और वीडियो का दुरुपयोग किया गया। इनके जरिए यह दिखाने की कोशिश हुई कि भारतीय समुदाय देश पर हावी हो रहा है।

इन पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया कि सिंगापुर की मल्टी-रेशियल नीति महज दिखावा है और भारतीयों को सरकारी संस्थानों तथा राजनीति में जरूरत से ज्यादा प्रतिनिधित्व मिल रहा है। कुछ पोस्ट में यह बात भी कही गई कि सिंगापुर को अपनी चीनी सांस्कृतिक पहचान से और मजबूती से जुड़ना चाहिए।

समुदायों के बीच फूट डालने की कोशिश

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह सामग्री सबसे पहले कुछ चीनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सामने आई और इसके बाद फेसबुक, यूट्यूब तथा एक्स जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों पर फैला दी गई। सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका मकसद अलग-अलग समुदायों के बीच अविश्वास पैदा करना और समाज में दूरियां बढ़ाना है।

जानकारों का कहना है कि इस तरह के अभियान अक्सर किसी देश की सामाजिक एकता को कमजोर करने के लिए चलाए जाते हैं। इस मामले में भारतीय और मलय समुदायों से जुड़े मुद्दों को आपस में मिलाकर लोगों के बीच विभाजन खड़ा करने का प्रयास किया गया।

'बाहरी दखल बर्दाश्त नहीं'

सिंगापुर के दूसरे गृह मंत्री एडविन टोंग ने ऐसे प्लेटफॉर्म्स को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार देश की सामाजिक एकता और मल्टी-रेशियल व्यवस्था में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगी। उनके मुताबिक सिंगापुर में सभी समुदायों को समान सम्मान और समान अवसर दिए जाते हैं।

सरकार ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर मिलने वाली किसी भी जानकारी को बिना जांचे-परखे साझा न करें और विदेशी स्रोतों से आने वाली सामग्री को लेकर सतर्क रहें, ताकि देश की सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द बना रहे।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह जीरो-ट्रस्ट प्रोटोकॉल के तहत ऑनलाइन दुनिया पर बारीकी से नजर रखना जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर विदेशी दखल के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी। लोगों से ऐसी किसी भी पोस्ट से दूर रहने को कहा गया है जो देश के विभिन्न समुदायों के बीच भेद पैदा करे।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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