मैक्सिको में ड्रग कार्टेल का अंत, 15 साल का खूंखार हत्यारा और उसका सरगना चाचा मुठभेड़ में ढेर विश्व एक घंटा पहले 4
मैक्सिको के मिचोआकन में सुरक्षा बलों के साथ हुई एक बड़ी मुठभेड़ में 15 साल के एक किशोर शूटर और उसके ड्रग तस्कर चाचा की मौत हो गई है। यह दोनों अपराधी लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय थे और अमेरिका को भी इनकी तलाश थी।

सुरक्षा बलों के साथ खूनी भिड़ंत

मैक्सिको के मिचोआकन इलाके में सुरक्षा एजेंसियों और खतरनाक ड्रग कार्टेल के बीच हुई एक जबरदस्त मुठभेड़ ने अपराध की दुनिया में हलचल मचा दी है। इस मुठभेड़ में 15 साल के एक किशोर हत्यारे और उसके ड्रग सरगना चाचा की मौत की पुष्टि हुई है। यह घटना 30 अगस्त को टोकुम्बो नगर पालिका के एक खेत पर अंजाम दी गई। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर सेना, नेशनल गार्ड और राज्य पुलिस की संयुक्त टीमों ने पूरे इलाके को घेर लिया था। सुरक्षा बलों के पहुंचते ही कार्टेल के सदस्यों ने उन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी मोर्चा संभाला और इस जवाबी कार्रवाई में दोनों अपराधियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

कौन था अल्बर्टो चुचिटो निनी सैंडोवाल

मारे गए 15 साल के इस किशोर की पहचान अल्बर्टो चुचिटो निनी सैंडोवाल के रूप में की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इतनी कम उम्र होने के बावजूद सैंडोवाल ने अपराध की दुनिया में गहरी पैठ बना ली थी। उस पर आरोप है कि वह न केवल एक हिटमैन टीम का संचालन करता था, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य नाबालिगों को बरगलाकर ड्रग कार्टेल में शामिल करने का काम भी करता था। यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि किस तरह ड्रग माफिया बच्चों को अपने अपराधों में मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।

कैसे अंजाम दिया गया ऑपरेशन

मैक्सिको के सुरक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इस ऑपरेशन का नेतृत्व मिचोआकन अटॉर्नी जनरल कार्यालय के साथ मिलकर सेना और नेशनल गार्ड ने किया। अधिकारियों के पास सूचना थी कि ड्रग सरगना बर्रागान वहां छिपा हुआ है। सुरक्षा बल जैसे ही टोकुम्बो के रैंच पर पहुंचे, वहां भारी गोलाबारी शुरू हो गई। हालांकि, जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या 15 वर्षीय सैंडोवाल ने खुद सुरक्षा बलों पर गोली चलाई थी, लेकिन वह मौके पर मौजूद था और मुठभेड़ का हिस्सा बना।

हिटमैन टीम और चाचा का संरक्षण

मिचोआकन के अटॉर्नी जनरल ने खुलासा किया कि सैंडोवाल उस गिरोह का सक्रिय हिस्सा था, जो हत्याओं के लिए शूटरों को तैनात करता था। वह अपने 39 वर्षीय चाचा लुइस एल आर-5 बर्रागान का निजी सुरक्षा गार्ड भी था। बर्रागान 'कार्टेल डे लॉस रेयेस' का प्रमुख था और अमेरिका द्वारा ड्रग तस्करी व हथियारों की अवैध खरीद-फरोख्त के मामलों में वांटेड था। परिवारवाद की वजह से सैंडोवाल को इस दुनिया में आने के लिए अलग से भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी। वह सीधे अपने चाचा के नेटवर्क का हिस्सा बन गया, जहाँ सत्ता एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंप दी जाती है।

सोशल मीडिया पर दोहरा चेहरा

सैंडोवाल की सोशल मीडिया की तस्वीरें उसके दोहरे व्यक्तित्व को बयां करती हैं। एक तरफ जहां वह फुटबॉल जर्सी पहनकर गेंद के साथ खेलते हुए एक सामान्य बच्चे जैसा दिखता था, वहीं दूसरी तरफ उसकी अन्य तस्वीरों में वह युद्ध जैसी टैक्टिकल ड्रेस पहने नजर आता था। उन तस्वीरों में वह हाथों में असॉल्ट राइफल और शरीर पर अन्य बंदूकें लादे हुए हथियारों के साथ पोज़ दे रहा था, जो उसकी खौफनाक हकीकत को दर्शाता है।

अमेरिका को थी बर्रागान की तलाश

मृतक लुइस बर्रागान की तलाश न केवल मेक्सिको, बल्कि अमेरिका को भी थी। अमेरिकी प्रशासन ने उसके खिलाफ ड्रग्स और हथियारों से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए थे और उसकी गिरफ्तारी के लिए 30 लाख डॉलर का भारी भरकम इनाम घोषित कर रखा था। बर्रागान ने कार्टेल की कमान तब संभाली थी जब इसके पिछले सरगना, अल्फोंसो पोंचो ला क्विरिंगुआ फर्नांडेज को 1 अगस्त को मेक्सिको की सेना ने गिरफ्तार किया था। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के अनुसार, बर्रागान कार्टेल का मुख्य शूटर भी रहा था। इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग माफियाओं द्वारा बच्चों को अपराध की आग में झोंकने की भयानक सच्चाई को उजागर कर दिया है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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