इस पायलट के आगे तो 'मुन्नाभाई' भी फेल! बिना सीनियर लाइसेंस उड़ाईं 900 फ्लाइट्स, 17 साल बाद खुला राज विश्व एक घंटा पहले 4
कनाडा में एयर कनाडा के एक पूर्व कैप्टन पर आरोप है कि उसने जरूरी एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (ATPL) के बिना ही करीब 17 साल तक 900 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित कीं। चार महीने की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

कनाडा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने एयर कनाडा के साथ-साथ पूरे कैनेडियन एविएशन सेफ्टी और लाइसेंसिंग सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। एयरलाइन के एक पूर्व पायलट पर आरोप है कि वह बीते 17 सालों से बिना जरूरी लाइसेंस के विमान उड़ा रहा था और इस दौरान किसी को भी उसकी इस करतूत की भनक तक नहीं लगी। बतौर कैप्टन 900 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित कर चुके इस पायलट को लेकर हुए खुलासे के बाद कनाडा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि एक व्यक्ति पायलट बनकर 17 सालों तक लाखों यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ करता रहा और किसी सिस्टम ने इसे पकड़ा तक नहीं।

आरोपी कौन है और क्या है आरोप

कनाडा के ओंटारियो रीजन की पील रीजनल पुलिस के अनुसार, आरोपी कप्तान की पहचान 59 वर्षीय जेफ्री वॉल के रूप में हुई है। वॉल पर आरोप है कि वह पायलट लाइसेंस के बिना ही 17 सालों से उड़ानें भर रहा था, जिनमें 900 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स शामिल हैं।

लाइसेंस का पूरा खेल

कैनेडियन जांच एजेंसियों के मुताबिक, वॉल के पास कमर्शियल पायलट लाइसेंस तो मौजूद था, लेकिन उसके पास एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (ATPL) नहीं था। यह लाइसेंस सीनियर स्तर के पायलटों का माना जाता है और कमर्शियल फ्लाइट में किसी पायलट की कैप्टन के तौर पर तैनाती इसी लाइसेंस के आधार पर होती है।

इसका सीधा मतलब यह है कि जिस पायलट के पास एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस न हो, उसे कमर्शियल फ्लाइट में कैप्टन के रूप में तैनात नहीं किया जा सकता। पुलिस का आरोप है कि वॉल ने अपने दस्तावेजों को लेकर एयर कनाडा के साथ-साथ सिविल एविएशन के अधिकारियों को भी गुमराह किया।

चार महीने की जांच के बाद तय हुए आरोप

पील रीजनल पुलिस ने आरोपी वॉल के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और नकली ट्रेडमार्क के उपयोग समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ये आरोप चार महीने तक चली जांच के बाद तय किए गए हैं और अब इस मामले की सुनवाई अदालत में होगी।

पील रीजनल पुलिस प्रमुख निशान दुरैयप्पाह के अनुसार, यह मामला बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो यह ब्रीच ऑफ ट्रस्ट और एविएशन सिक्योरिटी से सीधे जुड़ा मामला बन जाता है। पायलट पर 900 से ज्यादा उड़ानें संचालित कर लाखों यात्रियों की जान खतरे में डालने का भी आरोप है।

एयर कनाडा अब भी पायलट के पक्ष में

इतने बड़े खुलासे के बावजूद एयर कनाडा अभी भी जेफ्री वॉल की तारीफ करती नजर आ रही है। एयरलाइन का कहना है कि वॉल ने अपने पूरे करियर के दौरान ट्रेनिंग और फ्लाइट टेस्टिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया और बड़े विमानों को सुरक्षित तरीके से संचालित कर अपनी काबिलियत साबित की है।

एयरलाइन के मुताबिक, भले ही कैप्टन के पास एटीपीएल न रहा हो, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया गया। एयरलाइन का कहना है कि उसके सभी पायलटों को हर छह महीने में अनिवार्य ट्रेनिंग और कंपेटेंसी टेस्टिंग से गुजरना पड़ता है, इसके अलावा हर साल एक सर्टिफाइड पायलट उड़ानों से जुड़ी जांच करता है।

एयरलाइन का दावा है कि मामले की जानकारी मिलते ही वॉल को सक्रिय ड्यूटी से हटा दिया गया और यह सूचना ट्रांसपोर्ट कनाडा के साथ साझा कर दी गई। एयरलाइन ने अपने सभी पायलटों का ऑडिट भी कराया, जिसमें लाइसेंस नियमों के उल्लंघन का कोई दूसरा मामला सामने नहीं आया।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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