दोस्तों के बीच पार्टनर के ये बदले तेवर देते हैं रिश्ते में दरार का इशारा, समय रहते पहचानें जीवनशैली एक घंटा पहले 1
रिश्ते में दूरी हमेशा बड़े झगड़ों से नहीं, बल्कि पार्टनर के व्यवहार के छोटे बदलावों से भी झलकती है। दोस्तों के सामने मजाक उड़ाना, अनदेखी करना या बार-बार तुलना करना ऐसे ही चेतावनी संकेत हैं जिन पर खुलकर बात करना जरूरी है।

किसी भी रिश्ते की मजबूती की नींव प्यार, भरोसे और आपसी सम्मान पर टिकी होती है। जब दो लोग एक-दूसरे को समझते और सम्मान देते हैं, तो उनका साथ मजबूत बना रहता है। लेकिन रिश्ते में आने वाली परेशानियां हमेशा खुले झगड़ों या तीखी बहस के रूप में सामने नहीं आतीं। कुछ संकेत इतने हल्के होते हैं कि वे धीरे-धीरे बढ़ती दूरी की ओर इशारा करते रहते हैं। ऐसा खासकर तब होता है, जब आपका पार्टनर दोस्तों या परिवार के सामने अपने बर्ताव में अचानक बदलाव दिखाने लगे।

रिश्ते में दरार को समय रहते पहचानना और उस पर खुलकर बातचीत करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि पार्टनर के किन बदले हुए तेवरों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

दोस्तों के सामने बार-बार मजाक उड़ाना

अगर आपका पार्टनर पहले आपकी तारीफ किया करता था, लेकिन अब दोस्तों के बीच आपकी कमियां गिनाने या मजाक बनाने लगा है, तो इसे सिर्फ हंसी-मजाक समझकर टालना ठीक नहीं। रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सार्वजनिक रूप से साथी को नीचा दिखाना रिश्ते में सम्मान की कमी का संकेत माना जाता है। इससे सामने वाले का आत्मविश्वास भी डगमगा सकता है।

आपकी बातों की अनदेखी करना

जब किसी चर्चा में आप अपनी राय रखते हैं और पार्टनर दोस्तों के सामने उसे बार-बार काट देता है या नजरअंदाज कर देता है, तो यह भी एक चेतावनी हो सकती है। एक स्वस्थ रिश्ते में दोनों की बातों को बराबर अहमियत दी जाती है। लगातार अनदेखी इस बात की ओर इशारा करती है कि भावनात्मक जुड़ाव कमजोर पड़ रहा है।

दूसरों से जरूरत से ज्यादा तुलना करना

अगर आपका साथी आपको आपके दोस्तों या दूसरे लोगों के मुकाबले कमतर दिखाने लगे, तो यह रिश्ते में असंतोष का संकेत हो सकता है। बार-बार तुलना करने की आदत अक्सर भीतर पल रही निराशा और नाराजगी को जाहिर करती है, जो वक्त के साथ रिश्ते में तनाव बढ़ा देती है।

हर बात पर आलोचना करना

दोस्तों के सामने छोटी-छोटी बातों पर टोकना या आपकी गलतियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना भी चिंता का विषय है। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि लगातार होने वाली आलोचना रिश्ते में नकारात्मकता को बढ़ाती है और दोनों के बीच भावनात्मक दूरी पैदा कर सकती है।

बातचीत और सम्मान क्यों हैं जरूरी?

हर रिश्ते में कभी न कभी मतभेद उभरते ही हैं, लेकिन उन्हें संभालने का तरीका सबसे ज्यादा मायने रखता है। अगर पार्टनर के व्यवहार में आपको ऐसे बदलाव दिख रहे हैं, तो तुरंत किसी नतीजे पर पहुंचने के बजाय खुलकर बात करना बेहतर रहता है। कई बार तनाव, काम का दबाव या दूसरे निजी कारण भी किसी के बर्ताव को बदल देते हैं।

ऐसे हालात में क्या करें?

अपने पार्टनर से शांत माहौल में बैठकर बात करें और अपनी भावनाएं साफ-साफ साझा करें। आरोप लगाने के बजाय उन्हें यह बताएं कि उनके व्यवहार से आपको कैसा महसूस होता है। अगर परेशानी लगातार बनी रहती है, तो रिलेशनशिप काउंसलिंग लेना भी मददगार साबित हो सकता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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