जॉइंट फैमिली के तानों से थक चुकी हैं? बिना झगड़ा किए इस मनोवैज्ञानिक तरकीब से रहें शांत जीवनशैली एक घंटा पहले 1
संयुक्त परिवार में लगातार मिलने वाले ताने और आलोचना मानसिक तनाव बढ़ा देते हैं। Gray Rock Method अपनाकर आप सीमित और शांत प्रतिक्रिया देकर बेवजह की बहस से बच सकती हैं और अपनी मानसिक शांति बनाए रख सकती हैं।

संयुक्त परिवार में रहना कई लोगों के लिए सुकून और अपनेपन का अनुभव होता है, लेकिन यही माहौल कभी-कभी मुश्किल भी बन जाता है। बार-बार सुनने को मिलने वाले ताने, बिन मांगी सलाह और छोटी-छोटी बातों पर की जाने वाली टिप्पणियां धीरे-धीरे मानसिक तनाव की वजह बन जाती हैं। ऐसी स्थितियों में अक्सर लोग या तो बहस में उलझ जाते हैं या फिर अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं। मनोविज्ञान में एक ऐसी तकनीक बताई गई है, जिसकी मदद से बिना किसी लड़ाई-झगड़े के तनावपूर्ण बातचीत को संभाला जा सकता है। इसे Gray Rock Method कहते हैं।

क्या है Gray Rock Method?

Gray Rock का शाब्दिक अर्थ है “साधारण पत्थर” बन जाना। इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप लोगों से बातचीत करना ही छोड़ दें। इसका असली उद्देश्य उन लोगों को भावनात्मक प्रतिक्रिया न देना है, जो बार-बार ताने मारकर, बहस छेड़कर या उकसाकर आपका ध्यान और ऊर्जा खींचने की कोशिश करते हैं। इस तरकीब में आप अपनी प्रतिक्रिया को बेहद सामान्य, शांत और सीमित रखते हैं। जब सामने वाले को आपकी ओर से कोई भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती, तो धीरे-धीरे उसकी दिलचस्पी भी कम पड़ने लगती है।

यह तकनीक काम कैसे करती है?

कई लोग अनजाने में दूसरों की प्रतिक्रिया से ही ऊर्जा हासिल करते हैं। जब किसी ताने पर आप गुस्सा दिखाती हैं, सफाई देने लगती हैं या बहस में पड़ जाती हैं, तो बातचीत और लंबी खिंच जाती है। इसके उलट, अगर आप केवल छोटे और शांत जवाब दें, तो सामने वाले को बहस को आगे बढ़ाने का मौका बहुत कम मिलता है।

कब साबित होती है फायदेमंद?

यह तकनीक खासतौर पर उन हालात में कारगर मानी जाती है, जहां बार-बार एक जैसी आलोचना, ताने या उकसाने वाली बातें सुनने को मिलती हैं। इससे आपका मानसिक तनाव घट सकता है और आप अपनी भावनात्मक ऊर्जा को बचा सकती हैं।

किन बातों का रखें ध्यान?

Gray Rock का अर्थ अपनी भावनाओं को हमेशा दबाए रखना नहीं है। जरूरी मुद्दों पर खुलकर और सम्मानजनक तरीके से अपनी बात रखना भी उतना ही अहम है। यह तकनीक केवल बेवजह की बहस और नकारात्मक बातचीत को सीमित रखने का एक तरीका भर है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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