दिल्ली की सड़कें होंगी धूल-मुक्त, सीएम रेखा गुप्ता की नई पहल से मिलेगी साफ हवा दिल्ली 3 घंटे पहले 2
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में पीडब्ल्यूडी, सीएसआईआर-सीआरआरआई और एसपीए के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, जिससे राजधानी की हवा साफ होगी और धूल से राहत मिलेगी। सरकार ने शहर में बांस आधारित कूलिंग जोन बनाने की भी घोषणा की है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में राजधानी की सड़कों को धूल-मुक्त बनाने, शहरी हरियाली बढ़ाने और वैज्ञानिक तरीके से सड़क प्रबंधन को आगे बढ़ाने के मकसद से एक अहम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह करार लोक निर्माण विभाग (PWD), वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CSIR-CRRI) तथा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) के बीच हुआ। माना जा रहा है कि यह पहल प्रदूषण नियंत्रण को मजबूती देगी और एक स्वच्छ, हरित व अधिक टिकाऊ दिल्ली बनाने में मददगार साबित होगी। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री परवेश साहिब सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद रहे। सरकार का दावा है कि इस कदम से शहर की वायु गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे, दोनों में सुधार आएगा।

प्रदूषण पर लगाम के लिए बड़ा कदम

दिल्ली सरकार के मुताबिक इस पहल के जरिए प्रदूषण पर काबू पाने में बड़ी कामयाबी मिल सकेगी और राजधानी को स्वच्छ, हरित तथा अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में ठोस योगदान मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स (X) पर इस पहल की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह समझौता दिल्ली में प्रदूषण रोकने और सड़क अवसंरचना को सुधारने के प्रयासों को नई रफ्तार देगा।

दिल्ली की सड़कों को धूल रहित और बेहतर बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी, सीएसआईआर-सीआरआरआई और एसपीए के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। नई तकनीक, बेहतर सड़क प्रबंधन और अधिक हरियाली पर आधारित यह पहल प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छ सड़कों और हरित विकसित दिल्ली के संकल्प को नई गति प्रदान करेगी।

राजधानी में तैयार हो रहे कूलिंग जोन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया कि दिल्ली सरकार शहर में बांस आधारित 'कूलिंग जोन' बनाएगी, ताकि लोगों को भीषण गर्मी से पर्यावरण के अनुकूल तरीके से राहत मिल सके। यह घोषणा उस समय की गई जब बढ़ती गर्मी से राहत देने के लिए बाहरी-उत्तरी जिला प्रशासन ने 'सीड्स एनजीओ' के सहयोग से बवाना में बांस से बना एक 'कूलिंग जोन' तैयार किया।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के बयान के अनुसार, इन कूलिंग जोन को मुख्य रूप से बांस से बनाया गया है, जिससे पर्यावरण पर बेहद कम असर पड़ता है और यह एक टिकाऊ संरचना के तौर पर काम करता है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल न केवल तत्काल राहत देती है, बल्कि भविष्य की जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार-आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम भी है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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