छतरपुर के बाजारों में छाई मौसमी फलों की बहार, सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं ये 5 देसी फल जीवनशैली एक महीने पहले 66
मानसून की शुरुआत होते ही छतरपुर के बाजारों में जामुन, करौंदा, खजूरी, भुट्टा और देसी नाशपाती जैसे कई खास मौसमी फलों की मांग अचानक बढ़ गई है जो स्वाद के साथ सेहत को भी बेहतरीन फायदे पहुंचाते हैं।

मौसम बदलने के साथ ही छतरपुर के बाजारों में बदला नजारा

जैसे ही भीषण गर्मी का प्रकोप शांत होता है और आसमान में काले बादलों की आवाजाही शुरू होती है, वैसे ही लोगों की जीवनशैली और खान-पान में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बाजारों में इन दिनों एक नया रंग देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ गर्मी के मौसम के खास फल अब बाजार से धीरे-धीरे गायब होने लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ मानसून के दस्तक देते ही कई लाजवाब मौसमी फल बाजार में अपनी जगह बनाने लगे हैं। छतरपुर के बाजारों में इन दिनों स्थानीय और मौसमी फलों को खरीदने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

बरसात के इस सुहावने मौसम में बाजार में मिलने वाले ये फल न केवल स्वाद में लाजवाब होते हैं, बल्कि हमारी सेहत और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी बेहद असरदार साबित होते हैं। इन दिनों बाजारों में जामुन, करौंदा, खजूरी, भुट्टा और देसी नाशपाती जैसे बेहतरीन फल प्रचुर मात्रा में दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें लोग खूब पसंद कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि इस मौसम में मिलने वाले ये पांच फल हमारे स्वास्थ्य के लिए किस तरह फायदेमंद हैं और बाजारों में इनकी मांग क्यों इतनी ज्यादा है।

1. भुट्टा: मानसून की पहली पसंद और पोषक तत्वों का खजाना

बरसात के मौसम की बात हो और भुट्टे का जिक्र न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है? जैसे ही रिमझिम फुहारें पड़ना शुरू होती हैं, वैसे ही सड़कों के किनारे और बाजारों में कोयले की अंगीठियों पर भुट्टे सेकने वाले नजर आने लगते हैं। गरमा-गरम भुट्टे पर नींबू का रस और नमक लगाकर खाने का मजा ही कुछ और होता है। यह सिर्फ जीभ के स्वाद को ही शांत नहीं करता, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भुट्टा कई प्रकार के महत्वपूर्ण विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। इसके नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी काफी मजबूत होती है। इसके अलावा, भुट्टे में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है और लोगों को कब्ज जैसी गंभीर पेट की समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करती है।

2. जामुन: कम समय के लिए आने वाला सेहत का वरदान

गर्मी का मौसम समाप्त होने के ठीक बाद, यानी पहली या दूसरी बारिश की फुहारें पड़ते ही बाजारों में जामुन का आगमन हो जाता है। जामुन एक ऐसा फल है जिसकी बाजार में मांग हमेशा बहुत ज्यादा रहती है, लेकिन यह बहुत ही कम समय के लिए खाने को मिलता है। यही वजह है कि इसके आते ही लोग इसे खरीदने के लिए टूट पड़ते हैं।

जामुन को आयुर्वेद में भी एक बेहतरीन औषधि माना गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जामुन का सेवन करने से फैटी लिवर, ब्लड शुगर यानी मधुमेह और पेट में बनने वाली गैस की समस्याओं में अद्भुत लाभ मिलता है। शुगर के मरीजों के लिए तो जामुन बेहद चमत्कारी माना जाता है।

3. करौंदा: खट्टा-मीठा स्वाद और पारंपरिक अचार की शान

बरसात के आते ही बाजारों में मिलने वाला एक और बेहद लोकप्रिय फल है करौंदा। छोटे-छोटे और सुंदर दिखने वाले करौंदे का स्वाद थोड़ा खट्टा होता है, लेकिन जब इसे नमक के साथ खाया जाता है, तो इसका स्वाद दोगुना हो जाता है। बच्चे, बूढ़े और नौजवान, सभी इसे बड़े चाव से खाते हैं।

करौंदे का उपयोग केवल फल के रूप में ही नहीं, बल्कि घरों में इसका बेहतरीन अचार बनाने के लिए भी किया जाता है। ग्रामीण इलाकों और खासकर छतरपुर में आज भी एक पारंपरिक चलन है, जहां बच्चों को रोटी में नेनु यानी घर का बना ताजा मक्खन लगाकर और साथ में करौंदे का अचार देकर खाने के लिए दिया जाता है। इस स्वादिष्ट मेल के साथ बच्चे बिना किसी सब्जी के ही कई रोटियां बड़े मजे से खा लेते हैं। यह अचार खाने के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है।

4. खजूरी फल: तपती गर्मी सहकर बरसात में पकने वाला जंगली खजाना

जामुन और करौंदे के बाद अब चर्चा करते हैं एक बहुत ही अनोखे और पारंपरिक फल की, जिसे स्थानीय भाषा में खजूरी या खजूरी फल के नाम से जाना जाता है। यह मूल रूप से एक जंगली फल है, जिसके पेड़ ज्यादातर हार-खेतों, खाली जमीनों और घने जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगते हैं। इस पेड़ पर फल आने की शुरुआत फरवरी और मार्च के महीने में ही हो जाती है।

यह फल पूरी भीषण गर्मी के मौसम को सहता है और जैसे ही बरसात की पहली बूंदें इस पर पड़ती हैं, यह पककर तैयार होने लगता है। खजूरी फल बारिश शुरू होने के बाद लगभग 1 महीने तक ही बाजार में खाने के लिए उपलब्ध रहता है। स्वाद के मामले में यह फल खजूर की तरह ही बेहद मीठा और स्वादिष्ट होता है। हालांकि, स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद गुणकारी होने के साथ-साथ इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है।

5. देसी नाशपाती: छतरपुर के लोगों की पसंदीदा पौष्टिक खुराक

बरसात के मौसम में छतरपुर के बाजारों की एक और बड़ी खासियत यहां मिलने वाली देसी नाशपाती है। बाजारों में मिलने वाली यह देसी नाशपाती दिखने में भले ही आकार में थोड़ी छोटी और छूने में काफी सख्त महसूस होती है, लेकिन जब आप इसे खाते हैं, तो इसका मीठा स्वाद और रस आपको बेहद पसंद आएगा।

देसी नाशपाती न केवल खाने में स्वादिष्ट होती है बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है। छतरपुर जिले के लोग इस फल को अपने घरों में लाना कभी नहीं भूलते और बरसात के पूरे सीजन में इसे घर-घर में बड़े चाव से खाया जाता है।

स्थानीय मौसमी फल बढ़ाएंगे आपकी इम्यूनिटी

बारिश का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां और संक्रमण भी लेकर आता है। ऐसे में बाजार में मिलने वाले ये पांचों मौसमी फल हमारे शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत प्रदान करते हैं। छतरपुर के बाजारों में इन फलों की आवक शुरू हो चुकी है। अपने दैनिक आहार में इन देसी और प्राकृतिक फलों को शामिल कर आप न केवल स्थानीय किसानों और विक्रेताओं की मदद कर सकते हैं, बल्कि खुद को और अपने परिवार को भी पूरी तरह स्वस्थ रख सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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