रक्षाबंधन पर मेहमानों के लिए बनाएं झारखंडी स्टाइल काले चने की सब्जी, पूरी-पराठे के साथ परोसें यह लाजवाब व्यंजन जीवनशैली एक घंटा पहले 2
रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर घर आए मेहमानों का स्वागत करने के लिए झारखंडी स्टाइल में काले चने की सब्जी बनाना एक बेहतरीन विकल्प है। यह रेसिपी पूरी और चावल के साथ खाने में बहुत स्वादिष्ट लगती है।

तैयारी की प्रक्रिया

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों का प्रतीक है। इस दिन घरों में रौनक रहती है और मेहमानों का आना-जाना लगा रहता है। यदि आप भी इस उत्सव के मौके पर मेहमानों को कुछ पारंपरिक और लजीज खिलाना चाहते हैं, तो झारखंडी स्टाइल काले चने की सब्जी एक उत्तम विकल्प हो सकती है। इसे बनाना बेहद आसान है और यह स्वाद में भी बेमिसाल है।

ऐसे बनाएं काले चने की सब्जी

सबसे पहले काले चने को अच्छी तरह धो लें और फिर इन्हें 7-8 घंटे या फिर पूरी रात के लिए पानी में भिगोकर रख दें। अगले दिन चने को दोबारा साफ पानी से धो लें और कुकर में डालें। कुकर में आवश्यकतानुसार पानी और थोड़ा नमक मिलाकर 4-5 सीटी आने तक पकाएं। जब चने अच्छी तरह नरम हो जाएं, तो गैस बंद कर दें और इन्हें अलग रख लें।

मसाले तैयार करने का तरीका

अब एक कड़ाही में 2-3 चम्मच सरसों का तेल गरम करें। तेल के गरम होते ही इसमें जीरा, तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगाएं। इसके बाद इसमें कटा हुआ प्याज डालें और सुनहरा होने तक अच्छी तरह भूनें। प्याज भुन जाने पर इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट और कटी हुई हरी मिर्च मिला दें।

इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और स्वाद के अनुसार नमक डालकर मसालों को धीमी आंच पर भूनें। जब मसाले से खुशबू आने लगे, तो बारीक कटा हुआ टमाटर डालें और तब तक पकाएं जब तक कि वह पूरी तरह नरम न हो जाए। जब मसालों के किनारों से तेल अलग होने लगे, तो उबले हुए काले चने कड़ाही में डाल दें।

अंतिम चरण

अब चने उबालने के बाद बचा हुआ पानी इसमें डालें और मध्यम आंच पर लगभग 10-15 मिनट तक पकने दें। अंत में इसमें गरम मसाला छिड़कें और ऊपर से ताज़ा हरा धनिया डालकर सजाएं। यदि आपको भोजन में थोड़ा खट्टापन पसंद है, तो आप ऊपर से नींबू का रस या अमचूर पाउडर भी मिला सकते हैं। गरमागरम झारखंडी स्टाइल काले चने की सब्जी पूरी, पराठे या चावल के साथ परोसने के लिए तैयार है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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