सर्वपितृ अमावस्या 2026: इस बार बन रहा है 81 वर्षों का दुर्लभ संयोग, राशि के अनुसार करें दान धर्म 6 घंटे पहले 10
सर्वपितृ अमावस्या पर इस वर्ष शनैश्चरी अमावस्या और गजछाया योग का विशेष मिलन हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अपनी राशि के अनुरूप दान करने से पितरों का आशीर्वाद पूरे वर्ष बना रहता है।

सर्वपितृ अमावस्या का महत्व और दुर्लभ संयोग

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना गया है, विशेषकर सर्वपितृ अमावस्या का दिन पूर्वजों की शांति और उनके आशीर्वाद के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस दिन हमारे पूर्वज स्वर्ग लोक से धरती पर अपने परिजनों के पास आते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसी कारण इस तिथि पर तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करने का विशेष विधान है।

इस वर्ष की सर्वपितृ अमावस्या ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली मानी जा रही है। इस दिन शनैश्चरी अमावस्या के साथ गजछाया योग का बहुत दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष गणनाओं के मुताबिक, पिछले 81 वर्षों में यह विशिष्ट संयोग केवल 12 बार ही बना है और अब यह 13वीं बार घटित होने जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे शुभ और दुर्लभ योग में पितरों के निमित्त किया गया श्राद्ध, तर्पण और दान का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है और यह पितृ दोष से मुक्ति दिलाने में भी सहायक है।

राशि के अनुसार दान के नियम

उज्जैन के प्रसिद्ध पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, यदि सर्वपितृ अमावस्या के दिन जातक अपनी राशि के अनुसार दान करता है, तो उसे पितरों की विशेष कृपा प्राप्त होती है और पूरे वर्ष जीवन में खुशहाली बनी रहती है। विभिन्न राशियों के लिए शुभ दान की सूची इस प्रकार है:

  • मेष: इस राशि के व्यक्तियों के लिए गेहूं का दान करना सबसे अधिक फलदायी माना गया है।
  • वृषभ: इस दिन सफेद वस्त्रों का दान करने से वृषभ राशि के जातकों पर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है।
  • मिथुन: मिथुन राशि वाले लोगों को इस विशेष तिथि पर साबुत मूंग का दान करना चाहिए।
  • कर्क: कर्क राशि के जातकों को सफेद वस्त्र या फिर चावल का दान करने की सलाह दी गई है।
  • सिंह: सिंह राशि के जातक यदि गेहूं और मूंग की दाल का दान करें, तो उन्हें पितृ दोष से मुक्ति मिलने में सहायता मिलती है।
  • कन्या: कन्या राशि के लिए हरी सब्जियों और हरे फलों का दान करना अत्यधिक लाभकारी सिद्ध होगा।
  • तुला: तुला राशि के जातकों को इस दिन चीनी और चूड़ा का दान करना शुभ फल प्रदान करेगा।
  • वृश्चिक: इस राशि वाले व्यक्तियों के लिए लाल रंग के वस्त्रों का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है।
  • धनु: धनु राशि के जातक यदि जौ, घी और पके हुए केलों का दान करते हैं, तो उन्हें पितरों का पूर्ण आशीष प्राप्त होता है।
  • मकर: मकर राशि के लिए काले तिल का दान करना सबसे ज्यादा पुण्यकारी माना गया है।
  • कुंभ: पितरों को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कुंभ राशि के जातक जूते और चप्पल का दान करें।
  • मीन: मीन राशि वाले लोगों को इस दिन पीले या नीले रंग के वस्त्र दान करने चाहिए, जिससे पितृ अत्यंत प्रसन्न होते हैं।

सर्वपितृ अमावस्या का यह दिन न केवल पितरों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का अवसर है, बल्कि यह अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के संचार का माध्यम भी है। उचित दान और पूरी श्रद्धा के साथ की गई पूजा से घर-परिवार में साल भर सुख और शांति का वातावरण बना रहता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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