जीवनशैली
3 घंटे पहले
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विचारों
चंबल की फिजाओं में घुला मंगोड़ों का स्वाद
मध्य प्रदेश के शिवपुरी और संपूर्ण चंबल अंचल की पहचान केवल यहां के प्राचीन किलों या कुदरती खूबसूरती तक ही सीमित नहीं है। जैसे ही आसमान में बादल घिरते हैं और रिमझिम बारिश शुरू होती है, पूरे अंचल के घरों से मूंग दाल के कुरकुरे मंगोड़ों की सोंधी खुशबू आने लगती है। चंबल में मेहमाननवाजी की मिसाल पेश करने के लिए मूंग दाल के मंगोड़े सबसे पसंदीदा व्यंजन माने जाते हैं। जब भी कोई मेहमान घर आता है या शाम की चाय का समय होता है, तो गरमागरम मंगोड़ों को परोसना एक रस्म जैसा है। हर उम्र के लोग बारिश की बूंदों के साथ इन मसालेदार मंगोड़ों का लुत्फ उठाना पसंद करते हैं।
पिसाई का खास अंदाज
मंगोड़ों का असली स्वाद उनकी बनावट में छिपा होता है। ग्रामीण इलाकों में आज भी पुरानी परंपरा कायम है, जहां महिलाएं मूंग दाल को रातभर भिगोने के बाद सिलबट्टे पर दरदरा पीसती हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि सिलबट्टे पर दाल पीसने से उसका प्राकृतिक स्वाद और बनावट बरकरार रहती है, जिससे मंगोड़े बेहद कुरकुरे और जायकेदार बनते हैं। हालांकि, शहरी जीवन में लोग मिक्सी का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन वहां भी इस बात का पूरा ख्याल रखा जाता है कि दाल ज्यादा बारीक न हो जाए। दाल को बिना ज्यादा पानी के दरदरा रखना ही इस व्यंजन की सफलता का सबसे बड़ा राज है।
मंगोड़े बनाने की आवश्यक सामग्री
घर पर बाजार जैसे मंगोड़े बनाने के लिए आपको कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत होती है:
- एक कप धुली हुई मूंग दाल, जिसे 4 से 5 घंटे तक पानी में भिगोकर रखा गया हो।
- बारीक कटी हुई दो हरी मिर्च।
- एक छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक।
- एक चुटकी हींग।
- एक छोटा चम्मच जीरा।
- आधा छोटा चम्मच धनिया पाउडर।
- नमक और लाल मिर्च पाउडर अपनी पसंद के अनुसार।
- बारीक कटा हुआ हरा धनिया।
- तलने के लिए पर्याप्त मात्रा में सरसों का तेल या रिफाइंड तेल।
बनाने की सरल विधि
सबसे पहले भीगी हुई मूंग दाल को अच्छी तरह साफ पानी से धो लें। अब इसे मिक्सी या सिलबट्टे की मदद से दरदरा पीस लें। पिसी हुई दाल के मिश्रण में हींग, जीरा, कटा हुआ अदरक, हरी मिर्च, धनिया पाउडर, नमक और हरा धनिया मिलाएं। इस घोल को तैयार करने के बाद इसे कम से कम 3 से 5 मिनट तक अच्छी तरह फेंटना बहुत जरूरी है। ऐसा करने से मिश्रण के अंदर हवा भर जाती है और मंगोड़े हल्के व फूले हुए बनते हैं। अब एक कड़ाही में तेल गरम करें और छोटे आकार के मंगोड़े डालकर मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें।
चटनियों के साथ स्वाद का मेल
चंबल क्षेत्र में मंगोड़ों का मजा तब दोगुना हो जाता है जब इन्हें सही चटनियों के साथ परोसा जाए। ज्यादातर घरों में इन्हें तीखी लहसुन की चटनी, ताजी धनिया और पुदीने की चटनी या फिर इमली की खट्टी-मीठी चटनी के साथ सर्व किया जाता है। कई स्थानों पर इन्हें कड़क चाय के साथ नाश्ते के रूप में भी परोसा जाता है। बरसात के मौसम में यह व्यंजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि चंबल की समृद्ध संस्कृति और अतिथि सत्कार की परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा है।
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