गर्मी में जरूर चखें छत्तीसगढ़ की देसी दही वाली फिश करी, सरसों-जीरे और दही का तड़का बनाता है खास जीवनशैली 4 महीने पहले 76
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक दही वाली फिश करी दही की हल्की खटास और देसी मसालों के कारण गर्मी के मौसम के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है। यह स्वाद और सेहत दोनों के लिहाज से बेहतरीन है।

गर्मी के दिनों में अगर आप कुछ ऐसा खाना चाहते हैं जो स्वाद में लाजवाब हो और सेहत के लिए भी अच्छा हो, तो छत्तीसगढ़ की पारंपरिक दही वाली फिश करी आपके लिए बढ़िया विकल्प है। इस रेसिपी में दही की हल्की खटास, देसी मसालों की महक और ताजी मछली का स्वाद मिलकर इसे बेहद खास बना देते हैं।

गांवों की पारंपरिक पहचान

छत्तीसगढ़ के गांवों में आज भी यह फिश करी पुराने और पारंपरिक तरीके से बनाई जाती है। इसे गर्म-गर्म चावल के साथ बड़े चाव से परोसा और खाया जाता है, जो इसके स्वाद को और बढ़ा देता है।

कैसे तैयार होती है यह करी

सबसे पहले मछली पर हल्दी और नमक लगाकर उसे फ्राई किया जाता है। इसके बाद सरसों, जीरा, प्याज, टमाटर और दही की मदद से मसालेदार ग्रेवी तैयार की जाती है। फिर इसी ग्रेवी में मछली को अच्छी तरह पकाया जाता है, जिससे करी का स्वाद और गहरा हो जाता है।

सेहत के लिए फायदेमंद

इस करी में इस्तेमाल किया गया दही शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करता है, जो गर्मी के मौसम में राहत देता है। वहीं मछली को प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है, जिससे यह व्यंजन स्वाद के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर रहता है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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