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एक घंटा पहले
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विवाद के बाद परिवार की पहली प्रतिक्रिया
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और लोकप्रिय गायक दलेर मेहंदी के बीच हुए विवाद ने पूरे मनोरंजन जगत में हलचल मचा दी है। इस घटना के कई दिनों बाद अब दलेर मेहंदी के बेटे गुरदीप मेहंदी ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी करते हुए गुरदीप ने इस विवाद को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब यह घटना घटी, उस समय वह देश से बाहर थे, लेकिन वापस आने के बाद उन्होंने अपने पिता की सेहत और मानसिक स्थिति के बारे में जानकारी ली है।
गुरदीप ने बताया कि उनके पिता दलेर मेहंदी फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के चलते मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, हालांकि स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन उनका परिवार एकजुट होकर इसका सामना कर रहा है। गुरदीप ने अपने समर्थकों, फिल्म उद्योग के साथियों और विशेष रूप से अपने चाचा मीका सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में मिले समर्थन ने उन्हें बहुत हिम्मत दी है। उन्होंने प्रशंसकों से अपील की कि वे अपना प्यार और सहयोग बनाए रखें और बाकी सब ईश्वर पर छोड़ दें।
मीका सिंह ने मोर्चा संभाला
इस विवाद के सामने आने के बाद से ही दलेर मेहंदी के छोटे भाई और मशहूर गायक मीका सिंह ने फ्रंटफुट पर आकर उनका बचाव किया है। पिछले बुधवार को मीका सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी पंजाबी और बॉलीवुड हस्तियों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने दलेर मेहंदी का साथ दिया है। मीका सिंह ने जोर देकर कहा कि उनके भाई दलेर मेहंदी शराब को हाथ तक नहीं लगाते हैं और उन पर इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाना पूरी तरह से गलत और निंदनीय है। उनका कहना है कि एक कलाकार की गरिमा को इस तरह सार्वजनिक मंच पर ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।
क्या हुआ था नई टिहरी के मंच पर?
पूरा विवाद उत्तराखंड के नई टिहरी में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान शुरू हुआ था। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में दलेर मेहंदी को प्रस्तुति देने के लिए बुलाया गया था। कार्यक्रम के बीच में ही उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल अचानक मंच पर पहुंच गए और उन्होंने दलेर मेहंदी को बीच में ही रोककर सबके सामने फटकार लगाई।
मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी के व्यवहार पर तीखे सवाल उठाए और आरोप लगाया कि गायक नशे की हालत में हैं। उन्होंने मंच से ही टिप्पणी करते हुए कहा, आप ठीक से बोल भी नहीं पा रहे हैं तो गाएंगे कैसे? यह घटनाक्रम वहां मौजूद दर्शकों के लिए काफी हैरान करने वाला था, और बाद में इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया, जिसके बाद से ही इस मामले पर तीखी बहस छिड़ गई है।
मंत्री सुबोध उनियाल का पक्ष
विवाद बढ़ने के बाद, मंत्री सुबोध उनियाल ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में अपने कड़े रुख का बचाव किया। उन्होंने अपनी नाराजगी के पीछे के कारणों को स्पष्ट करते हुए कहा कि दलेर मेहंदी एक बड़े कलाकार हैं और उनसे उम्मीदें काफी अधिक थीं। मंत्री ने दावा किया कि मंच पर दलेर मेहंदी काफी उलझे हुए लग रहे थे और वे ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। इसके अतिरिक्त, मंत्री ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि गायक अपने गानों पर सिर्फ लिप-सिंक कर रहे थे, लाइव नहीं गा रहे थे।
सुबोध उनियाल के अनुसार, कलाकार को अपनी कला के साथ न्याय करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए गायक को 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था, और यदि कोई कलाकार प्रदर्शन के दौरान अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता है, तो यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कारणवश उन्होंने सबके सामने अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप और माफी
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए, परिवार ने बताया है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मामले में संज्ञान लिया है। मीका सिंह ने साझा किया कि विवाद के बाद उन्हें और दलेर मेहंदी को मुख्यमंत्री का फोन आया था। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से गायक को यह भरोसा दिलाया कि राज्य में उनका हमेशा सम्मान रहेगा और वह यहां सदैव स्वागत योग्य हैं। साथ ही, मीका सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मंत्री के उस व्यवहार के लिए अपनी ओर से खेद व्यक्त करते हुए माफी भी मांगी है। इस आश्वासन के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है, हालांकि सार्वजनिक हुए उस वीडियो ने परिवार की चिंताएं अभी भी बरकरार रखी हैं।
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