₹2 से शुरू हुई फिरोजाबाद की 'सुराही वाली कुल्फी', तीन पीढ़ियों से कायम है वही स्वाद, मुंबई-दिल्ली तक फैले हैं दीवाने जीवनशैली एक महीने पहले 16
कांच की चूड़ियों के लिए मशहूर फिरोजाबाद के घंटाघर इलाके की यह कुल्फी पिछले 40 सालों से अपने पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के लिए जानी जाती है। मिट्टी के कुल्हड़ और सुराही में परोसी जाने वाली इस रबड़ेदार कुल्फी के दीवाने स्थानीय लोगों से लेकर बड़े महानगरों तक फैले हुए हैं।

कांच की चूड़ियों की चमक के लिए दुनिया भर में पहचानी जाने वाली सुहागनगरी फिरोजाबाद सिर्फ अपनी कलाकारी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अनूठे जायके के लिए भी खास है। अगर आप इस शहर में आए हैं और घंटाघर के पास मिलने वाली मशहूर कुल्फी का स्वाद नहीं लिया, तो मानिए कि आपकी यात्रा अधूरी रह गई।

40 साल पुराना स्वाद का सफर

बीते 40 सालों से यह कुल्फी अपनी शुद्धता और परंपरागत स्वाद का जादू बिखेर रही है और आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। समय के साथ बहुत कुछ बदला, मगर इस कुल्फी का जायका वैसा ही बना रहा, जैसा दशकों पहले था।

कुल्हड़ और सुराही में परोसने की परंपरा

इस रबड़ेदार कुल्फी को मिट्टी के कुल्हड़ और सुराही में परोसा जाता है, जो इसके स्वाद को और भी खास बना देता है। मिट्टी की महक और ठंडक मिलकर इसे एक अलग ही पहचान देती है।

महानगरों तक फैली लोकप्रियता

इस कुल्फी की दीवानगी का आलम यह है कि सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि देश के बड़े-बड़े महानगरों से आने वाले लोग भी इसके स्वाद के कायल हैं। मुंबई और दिल्ली तक इसके चाहने वाले मौजूद हैं, जो फिरोजाबाद आने पर इसका स्वाद लेना नहीं भूलते।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप